KYC फ्रॉड, फिशिंग लिंक, QR कोड, डिजिटल अरेस्ट और APK ठगी से बचाव पर हुई चर्चा; साइबर ठगी होने पर 1930 पर शिकायत की अपील
बिलासपुर। बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस द्वारा “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत रक्षित केंद्र बिलासपुर स्थित चेतना हॉल में शहर के विभिन्न बैंकों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ चर्चा-परिचर्चा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ। इसमें पुलिस अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, डिजिटल ठगी और साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर विस्तार से चर्चा की।
संदिग्ध लेनदेन और फर्जी KYC खातों पर नजर रखने की अपील
कार्यक्रम में विभिन्न बैंकों से पहुंचे कर्मचारियों ने बताया कि मल्टीपल ट्रांजेक्शन, संदिग्ध गतिविधियों और फर्जी KYC वाले खातों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस को सूचना दी जाती है। नए खाताधारकों को वेलकम कॉल के जरिए साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी देने के साथ ही वरिष्ठ और सेवानिवृत्त नागरिकों को भी समय-समय पर बैंक बुलाकर साइबर सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया जाता है।
खाता खोलने से पहले भौतिक सत्यापन जरूरी
एसएसपी रजनेश सिंह ने बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि ग्राहकों के खातों पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी व्यक्ति या फर्म का बैंक खाता खोलने से पहले दस्तावेजों की जांच के साथ उसका भौतिक सत्यापन भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी कई बार ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए करते हैं।
उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से ग्राहकों को नियमित रूप से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और संदिग्ध लेनदेन अथवा साइबर ठगी की जानकारी मिलने पर पुलिस से तत्काल समन्वय करने की अपील की।
KYC से लेकर डिजिटल अरेस्ट तक, कई साइबर फ्रॉड पर चर्चा
चर्चा के दौरान फर्जी बैंक कॉल, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन, APK फाइल, QR कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों पर जानकारी साझा की गई।
नागरिकों को सलाह दी गई कि वे अपना OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर APK अथवा संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करने से भी बचने की अपील की गई।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को होल्ड कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
नुक्कड़ नाटक के जरिए भी साइबर जागरूकता
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए नुक्कड़-नाटक कार्यक्रम की भी शुरुआत की है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, मॉल और बाजार परिसरों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जाएंगे।
साइबर अपराध रोकने सामूहिक प्रयास जरूरी
कार्यक्रम में कहा गया कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। पुलिस, बैंकिंग संस्थानों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को बिलासपुर पुलिस के साइबर जागृति अभियान से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया, जिसके बाद प्रतिभागियों को उनके ईमेल पर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे सहित बिलासपुर शहर के विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
“जागरूक बनें, सतर्क रहें—साइबर अपराध से सुरक्षित रहें।”
अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़


