रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय
जिला संवाददाता, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
दिनांक: 19 अगस्त 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने प्रशासनिक आधार पर राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के नियंत्रक को भी नई पदस्थापना दी गई है। राज्यपाल के नाम से सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव कलेमेन्टीना लकड़ा द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
CGPSC की कार्यप्रणाली पर बनी नजर
प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है, जब CGPSC की परीक्षा प्रक्रिया, परिणाम और कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों की ओर से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में आयोग के नियंत्रक का तबादला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि शासन की ओर से जारी आदेश में तबादले का आधार प्रशासनिक बताया गया है। इसलिए इस बदलाव को लेकर किसी अन्य कारण को आधिकारिक रूप से जोड़ना उचित नहीं होगा।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठते रहे सवाल
छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में CGPSC की महत्वपूर्ण भूमिका है। पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा प्रक्रिया, परिणाम, चयन सूची और कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से आपत्तियां एवं सवाल सामने आते रहे हैं।
इन घटनाक्रमों के चलते आयोग की कार्यप्रणाली, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की शिकायतों के निराकरण को लेकर सार्वजनिक स्तर पर चर्चा होती रही है।
7 वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार राज्य प्रशासनिक सेवा के कुल 7 वरिष्ठ अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक स्तर पर हुए इस फेरबदल को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों के सामने विभागीय कामकाज को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
आगामी परीक्षाओं पर अभ्यर्थियों की नजर
CGPSC के नियंत्रक के तबादले के बाद आयोग की आगामी परीक्षाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध परिणाम और अभ्यर्थियों की शिकायतों के समाधान को लेकर आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
अब देखना होगा कि प्रशासनिक बदलाव के बाद CGPSC की कार्यप्रणाली में किस तरह के बदलाव सामने आते हैं और आयोग अभ्यर्थियों के बीच अपनी विश्वसनीयता को और मजबूत करने के लिए किस दिशा में आगे बढ़ता है।





