रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन एवं एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में घरघोड़ा थाना क्षेत्र के तिलाईपाली स्थित CISF कैंप में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने CISF अधिकारियों एवं जवानों को साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।

फर्जी KYC से लेकर UPI फ्रॉड तक की जानकारी
कार्यक्रम में फर्जी KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने का झांसा, बिजली कनेक्शन काटने की धमकी, फर्जी कूरियर पार्सल, ऑनलाइन खरीद-बिक्री, फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग एप, QR कोड, UPI फ्रॉड, फर्जी लोन एप, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, OTP और स्क्रीन शेयरिंग के जरिए होने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

पुलिस ने जवानों को बताया कि OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV और बैंक पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करनी चाहिए। साथ ही यह भी समझाया गया कि UPI PIN पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि भुगतान करने के लिए दर्ज किया जाता है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान
साइबर अपराधियों द्वारा किए जा रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के संबंध में विशेष रूप से जागरूक किया गया। बताया गया कि ठग पुलिस, CBI, ED या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं और किसी अपराध में फंसाने या गिरफ्तारी का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई सरकारी जांच एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर बैंक खाते में पैसे जमा कराने का निर्देश नहीं देती। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय कॉल काटकर संबंधित विभाग से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना चाहिए।
अनजान लिंक और APK फाइल से भी सावधान
जवानों को सलाह दी गई कि मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और WhatsApp या अन्य माध्यमों से प्राप्त अनजान APK फाइल इंस्टॉल न करें। साइबर अपराधी इनके जरिए मोबाइल और निजी जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने, निजी फोटो-वीडियो साझा करने और संदिग्ध वेबसाइटों पर व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने से भी बचने की सलाह दी गई।
AI वॉइस और वीडियो से भी हो सकती है ठगी
कार्यक्रम में AI आधारित आवाज एवं वीडियो, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल तथा परिचित बनकर पैसे मांगने वाले मामलों को लेकर भी जागरूक किया गया। पुलिस ने बताया कि केवल आवाज या वीडियो देखकर किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा न करें। किसी परिचित द्वारा अचानक पैसे मांगने पर उसके पुराने या वैकल्पिक नंबर पर कॉल कर पुष्टि करें।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए। साथ ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए का उपयोग किया जा सकता है।
ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने या फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस ने बैंक लेन-देन की जानकारी सुरक्षित रखने और जांच के दौरान उपलब्ध कराने की भी सलाह दी।
कार्यक्रम में CISF अधिकारियों एवं जवानों ने साइबर अपराधों के बदलते तरीकों और बचाव के उपायों को गंभीरता से समझा। रायगढ़ पुलिस द्वारा सुरक्षा बलों, शासकीय विभागों, संस्थानों और आम नागरिकों के बीच साइबर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है।




