पेंड्रा। राम मंदिर पेंड्रा में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा का श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे कथा परिसर में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
शिव परिवार से सीखें प्रेम, त्याग और समन्वय
कथा व्यास आचार्य डॉ. राजेंद्र कृष्ण पांडेय ने श्री शिव महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान शिव के स्वरूप, महिमा और परिवार को पारिवारिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण से समझाया।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव का परिवार विपरीत स्वभाव और प्रकृति वाले सदस्यों के बीच भी प्रेम, समन्वय और सह-अस्तित्व का अद्भुत उदाहरण है। नंदी और सिंह, गणेश के मूषक तथा कार्तिकेय के मयूर जैसे परस्पर विपरीत प्रकृति वाले वाहनों के बावजूद शिव परिवार में सभी का अपना स्थान है।
परिवार में सम्मान और विश्वास जरूरी
आचार्य पांडेय ने कहा कि आज परिवारों में छोटी-छोटी बातों को लेकर मनमुटाव और दूरियां बढ़ रही हैं। ऐसे समय में शिव पुराण हमें सिखाता है कि परिवार केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान, विश्वास, त्याग और जिम्मेदारी निभाने का नाम है।
उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती के दांपत्य जीवन तथा गणेश और कार्तिकेय के प्रसंगों के माध्यम से पारिवारिक एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
सरल भाषा में समझाई शिव महिमा
कथा व्यास ने शिव पुराण के गूढ़ आध्यात्मिक प्रसंगों को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हुए श्रद्धालुओं से सत्य, संयम, करुणा, सेवा, विनम्रता और भक्ति जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिव भक्ति केवल मंदिर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव हमारे व्यवहार, परिवार और समाज में भी दिखाई देना चाहिए।
अंतिम दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
कथा के विभिन्न दिनों में पेंड्रा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु राम मंदिर पहुंचे। अंतिम दिवस श्रद्धालु भजन, संकीर्तन और भगवान शिव के जयघोष में भावविभोर नजर आए।
सनातन संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेश
आचार्य डॉ. राजेंद्र कृष्ण पांडेय ने युवाओं को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ने तथा माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति का ज्ञान देना भी समाज की जिम्मेदारी है।
भावपूर्ण माहौल में हुआ समापन
समापन अवसर पर आयोजकों ने कथा व्यास सहित सभी श्रद्धालुओं और आयोजन में सहयोग करने वाले सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री शिव महापुराण कथा ने श्रद्धालुओं को शिव भक्ति के साथ पारिवारिक प्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
समापन पर पूरा परिसर “हर-हर महादेव” और “जय भोलेनाथ” के जयघोष से गूंज उठा।
