Sukulpabhli : वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-यज्ञ के बीच ‘मोहन बाबू स्मृति में भगत श्रीराम द्वार’ का भव्य लोकार्पण

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स्व. भगत राम पटेल के समाजसेवा एवं जनकल्याण में योगदान को किया गया याद, सेवा और संस्कारों की परंपरा आगे बढ़ाने का संकल्प

रायगढ़। श्रीराम भगत वैदिक सत्सेवा समिति रायगढ़, आर्य समाज, आर्य युवा समिति एवं ग्राम पंचायत सुकुलभठली के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम सुकुलभठली में ‘मोहन बाबू स्मृति में भगत श्रीराम द्वार’ का विधिवत एवं गरिमामय लोकार्पण किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-यज्ञ और विद्वानों की उपस्थिति में आयोजित समारोह में स्व. भगत राम पटेल के समाजसेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ

कार्यक्रम का शुभारंभ 8 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे वैदिक परंपरा के अनुसार हवन-यज्ञ के साथ हुआ। ओडिशा से पहुंचे प्रधान आचार्य गुरुकुल आमसेना डॉ. कुंजदेव मनीषी, राजस्थान प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री आचार्य जीवर्धन शास्त्री तथा तुरंगा आश्रम के संचालक आचार्य राकेश विद्वान ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत हवन संपन्न कराया।

हवन-यज्ञ के दौरान डॉ. राम कुमार पटेल एवं उनकी पोती प्रिशा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही ग्राम सुकुलभठली सहित पूरे रायगढ़ जिले की सुख-समृद्धि, उन्नति, स्वास्थ्य एवं खुशहाली की मंगलकामना की गई।

परिवार की अगली पीढ़ी ने किया द्वार का लोकार्पण

वैदिक अनुष्ठान के पश्चात उपस्थित विद्वानों की मौजूदगी में डॉ. राम कुमार पटेल की पोती एवं डॉ. नीतीश पटेल की पुत्री प्रिशा ने ‘मोहन बाबू स्मृति में भगत श्रीराम द्वार’ का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने द्वार को स्व. भगत राम पटेल की स्मृति, संस्कार और समाजसेवा की परंपरा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह स्मृति-द्वार आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण के लिए प्रेरित करता रहेगा।

स्व. भगत राम पटेल के योगदान को किया गया याद

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोहर पटेल ने किया। उन्होंने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों एवं समाजजनों का स्वागत किया।

द्वार निर्माण की संकल्पना और इसके पीछे की भावना के साथ अपने दादा स्व. भगत राम पटेल के सामाजिक योगदान पर डॉ. रोशन पटेल ने विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्व. भगत राम पटेल ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को हमेशा प्राथमिकता दी और सेवा, संस्कार एवं सामाजिक सरोकारों को अपने जीवन का आधार बनाया।

सरपंच, पंच, शिक्षक और गणमान्य नागरिकों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान श्रीराम भगत वैदिक सत्सेवा समिति रायगढ़ की ओर से ग्राम सुकुलभठली के सरपंच, पंच, शिक्षक एवं अन्य गणमान्य नागरिकों का सम्मान किया गया। समिति ने ग्राम के विकास, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता एवं जनहित में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

ग्रामीणों और उपस्थित अतिथियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, संस्कार और सेवा भावना को मजबूत करते हैं। स्व. भगत राम पटेल की स्मृति में निर्मित यह द्वार उनके जीवन एवं सामाजिक योगदान की याद को स्थायी रूप से जीवंत रखेगा।

डॉ. राम कुमार पटेल ने जताया आभार

कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. राम कुमार पटेल ने सभी अतिथियों, विद्वानों, समिति के पदाधिकारियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, गणमान्य नागरिकों एवं समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि समाज और मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाना उनके परिवार की प्राथमिकता रही है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी संस्थाओं एवं लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

स्वल्पाहार के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

लोकार्पण एवं सम्मान समारोह के बाद उपस्थित अतिथियों और समाजजनों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। वैदिक संस्कृति, सामाजिक सम्मान और पूर्वजों की स्मृति को समर्पित यह आयोजन आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ।

ग्राम सुकुलभठली में निर्मित ‘मोहन बाबू स्मृति में भगत श्रीराम द्वार’ अब स्व. भगत राम पटेल की स्मृति, उनके सामाजिक योगदान और सेवा-संस्कार की परंपरा का स्थायी प्रतीक बनकर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

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