बिलासपुर : हाईटेंशन लाइन के करीब 281 मकान-दुकानों को नोटिस, हादसा हुआ तो भवन मालिक होंगे जिम्मेदार

नेहरू नगर, तोरवा और तिफरा समेत जिलेभर में बिजली विभाग का सर्वे जारी, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कार्रवाई की तैयारी

बिलासपुर, 9 अगस्त 2026। हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बनाए गए मकानों और दुकानों के खिलाफ बिजली विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले 20 दिनों में जिलेभर में हाईटेंशन लाइनों के बेहद करीब बने 281 भवनों की पहचान कर उनके स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने भवन मालिकों को निर्धारित सुरक्षा दूरी बनाए रखने और आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

विभाग ने चेतावनी दी है कि नोटिस के बाद भी यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण कोई दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित भवन स्वामी की होगी।

हाईटेंशन तारों के करीब निर्माण से हादसे का खतरा

बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार हाईटेंशन तारों के नजदीक निर्माण किए जाने से करंट की चपेट में आने सहित गंभीर हादसों का खतरा बना रहता है। कई इलाकों में मकानों की छत और दुकानों का निर्माण बिजली लाइनों के काफी करीब पाया गया है। इससे वहां रहने वाले लोगों, दुकानदारों और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की सुरक्षा पर खतरा बना रहता है।

हाल ही में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे दो मजदूरों की मौत की घटना के बाद विभाग ने सर्वे और नोटिस की कार्रवाई तेज कर दी है।

जिलेभर में सर्वे के निर्देश

बिजली विभाग के ईडी ए.के. अंबस्थ और अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े ने सभी सहायक अभियंताओं (एई) और कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सर्वे करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों को हाईटेंशन लाइनों के आसपास बने मकानों, दुकानों और अन्य निर्माणों की जांच कर ऐसे भवनों की पहचान करने को कहा गया है, जहां निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।

नेहरू नगर में 49, तोरवा में 21 और तिफरा में 18 नोटिस

विभाग के अनुसार अब तक नेहरू नगर डिवीजन में 49, तोरवा क्षेत्र में 21 और तिफरा क्षेत्र में 18 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं तखतपुर, मस्तूरी, सीपत, रतनपुर, कोटा सहित अन्य क्षेत्रों में 193 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

इस तरह जिलेभर में अब तक कुल 281 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

प्रशासन और पुलिस को भी भेजी जा रही प्रतिलिपि

भवन स्वामियों को जारी नोटिस की प्रतिलिपि संबंधित प्रशासनिक एवं सुरक्षा विभागों को भी भेजी जा रही है। इसमें कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विद्युत निरीक्षक, नगर निगम, विद्युत सुरक्षा अधिकारी, संबंधित थाना प्रभारी और कार्यपालन अभियंता शामिल हैं।

इसके माध्यम से हाईटेंशन लाइनों के आसपास मौजूद असुरक्षित निर्माणों की जानकारी संबंधित विभागों तक पहुंचाई जा रही है।

पंचायतों और ग्रामीणों को भी किया जाएगा जागरूक

अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े के मुताबिक हाईटेंशन लाइनों के आसपास बने मकानों और दुकानों का सर्वे लगातार जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के सरपंचों, नागरिकों और किसानों को भी बिजली सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी दी जा रही है, ताकि असुरक्षित निर्माण और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

विभाग ने लोगों से अपील की है कि कटे-फटे या क्षतिग्रस्त बिजली तारों का उपयोग न करें और हाईटेंशन लाइन से सीधे बिजली लेने का प्रयास न करें। बिजली लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार का निर्माण या अन्य गतिविधि करने से पहले निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है।

कार्रवाई से ज्यादा दुर्घटना रोकना मकसद

बिजली विभाग के अनुसार हाईटेंशन लाइनों के आसपास किए गए असुरक्षित निर्माण से भवन मालिक के साथ उनके परिवार, मजदूर, दुकानदार और आसपास से गुजरने वाले लोग भी जोखिम में रहते हैं। ऐसे में नोटिस जारी करने का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोकना भी है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने के बाद भी यदि संबंधित भवन स्वामी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट : अभिषेक कुमार पाण्डेय
स्टेट रिपोर्टर, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
दिनांक : 09 अगस्त 2026

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