गिरौदपुरी धाम को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग

Advertisement
Advertisement

खरसिया (रायगढ़)। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज (साहित्य प्रकोष्ठ) के प्रदेश प्रवक्ता राकेश नारायण बंजारे ने छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक तीर्थ गिरौदपुरी धाम को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग उठाई है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत खरसिया – नया रायपुर – परमलकसा पाँचवीं एवं छठी रेल लाइन परियोजना के अंतिम सर्वेक्षण एवं एलाइनमेंट में तकनीकी रूप से संभव होने पर गिरौदपुरी धाम के निकट “गिरौदपुरी धाम रेलवे स्टेशन” अथवा “गिरौदपुरी धाम हॉल्ट” स्थापित करने का सुझाव दिया है।

उन्होंने कहा कि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद यह राष्ट्रीय महत्व का तीर्थ आज भी प्रत्यक्ष रेल संपर्क से वंचित है, जिससे श्रद्धालुओं, विशेषकर वृद्धों, दिव्यांगजनों और महिलाओं को कठिन एवं खर्चीली यात्रा करनी पड़ती है।

उन्होंने आगे कहा कि गिरौदपुरी धाम को रेल नेटवर्क से जोड़ने से श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही बाबा गुरु घासीदास जी के समानता, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार भी होगा।

राकेश नारायण बंजारे ने सुझाव दिया कि यदि मुख्य रेल लाइन को सीधे धाम तक ले जाना तकनीकी दृष्टि से संभव न हो तो निकटवर्ती क्षेत्र में रेलवे स्टेशन अथवा हॉल्ट विकसित कर उसे बेहतर सड़क एवं नियमित शटल बस सेवा के माध्यम से गिरौदपुरी धाम से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि यह मांग जनसुविधा, पर्यटन विकास और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण से जुड़ा जनहित का विषय भी है।

उन्होंने केंद्र सरकार, रेलवे मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रदेश के सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों से इस मांग पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।

Advertisement
Share This Article