गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। नगर पंचायत मरवाही द्वारा लाखों रुपये की लागत से निर्मित अटल परिसर के महज छह महीने में जर्जर होने के बाद अब उसकी अस्थायी मरम्मत भी विवादों में आ गई है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने के साथ ही बिना तकनीकी जांच कराए मरम्मत शुरू किए जाने पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है।
जानकारी के अनुसार, मामला सामने आने के बाद नगर पंचायत ने बिना किसी तकनीकी जांच, इंजीनियर की रिपोर्ट और वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के ही आनन-फानन में मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। आरोप है कि टूटी हुई नालियों को मिट्टी से भर दिया गया, उखड़े हुए टाइल्स और फर्श पर केवल सीमेंट का लेप चढ़ाकर काम पूरा दिखाया गया, जबकि परिसर में फैले मलबे और कचरे को केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर हटाकर औपचारिकता निभाई गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण था तो परिसर छह महीने में ही जर्जर कैसे हो गया। वहीं यदि निर्माण में अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है।
नागरिकों का दावा है कि यह अस्थायी मरम्मत अधिक समय तक टिकने वाली नहीं है और कुछ ही दिनों में परिसर की स्थिति फिर पहले जैसी हो जाएगी। लोगों ने इसे सरकारी धन की बर्बादी बताते हुए पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




