बिलासपुर | संवाददाता: अभिषेक कुमार पाण्डेय
बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर स्थित बांसाझाल का जर्जर पुल रविवार को अचानक दो हिस्सों में ढह गया। हादसे के समय पुल से गुजर रही एक यात्री बस पुल के टूटे हुए हिस्से के बीच फंस गई। राहत की बात यह रही कि बस नदी में नहीं गिरी और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और बस के कंडक्टर के अनुसार, जैसे ही बस पुल के मध्य भाग में पहुंची, तेज धमाके जैसी आवाज के साथ पुल का स्लैब अचानक धंस गया। कुछ ही क्षणों में पुल दो हिस्सों में बंट गया और बस का अगला हिस्सा टूटे हुए हिस्से के किनारे पर अटक गया। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को संतुलित रखा, जिससे वह नदी में गिरने से बच गई।
हादसे के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पुल के ध्वस्त होने से बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। इसके चलते बिलासपुर का पेंड्रा, गौरेला और अमरकंटक से सीधा सड़क संपर्क टूट गया है। वहीं मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। सड़क के दोनों ओर बसों, ट्रकों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन द्वारा फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने तथा वैकल्पिक मार्गों से यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग का उपयोग न करें और प्रशासन द्वारा बताए गए डायवर्जन मार्ग का ही पालन करें।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बांसाझाल पुल लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। पुल के अचानक ढहने की घटना ने इसकी सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
संवाददाता: अभिषेक कुमार पाण्डेय, जिला संवाददाता, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)




