नई दिल्ली। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और लोक सेवक मंडल के अध्यक्ष रहे उत्कलमणि गोपबंधु दास की प्रतिमा का अनावरण सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा किया जाएगा। यह कार्यक्रम मूलचंद स्थित लाजपत भवन में आयोजित होगा।
लोक सेवक मंडल की स्थापना का उद्देश्य
लोक सेवक मंडल एक प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था है, जिसकी स्थापना महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय ने गरीब, वंचित, अशिक्षित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के उद्देश्य से की थी। संस्था समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही है।
गोपबंधु दास का रहा महत्वपूर्ण योगदान
संस्था के अनुसार दिल्ली में संसद भवन के अलावा अन्य किसी प्रमुख स्थान पर उत्कलमणि गोपबंधु दास की प्रतिमा नहीं है। लाला लाजपत राय के आग्रह पर गोपबंधु दास लोक सेवक मंडल से जुड़े और उन्होंने देश व समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
ओडिशा के महान समाज सुधारक थे गोपबंधु दास
गोपबंधु दास का जन्म 9 अक्टूबर 1877 को ओडिशा में हुआ था। वे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक, शिक्षाविद और पत्रकार थे। उन्होंने अपना जीवन गरीबों, किसानों और अनाथों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
‘उत्कलमणि’ की उपाधि से सम्मानित
निस्वार्थ सेवा, त्याग और जनकल्याण के कार्यों के कारण उन्हें ‘उत्कलमणि’ यानी ओडिशा का रत्न कहा जाता है। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकसेवा और मानवता की प्रेरणा का प्रतीक माना जाता है।
लोक सेवक मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया उद्देश्य
लोक सेवक मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चोपड़ा ने कहा कि गोपबंधु दास के राष्ट्रसेवा और लोककल्याण के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लाजपत भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की जा रही है।




