गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके नियमित व्याख्याताओं को प्रथम समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिलने से नाराज नियमित व्याख्याता संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) रजनीश तिवारी को ज्ञापन सौंपकर लंबित प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
पांच साल से लंबित है प्रस्ताव
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि समयमान वेतनमान के लिए आवश्यक दस्तावेज और पांच वर्षों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) पहले ही जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कर दी गई थी। यह प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ भेजा जाना था, लेकिन कुछ व्याख्याताओं द्वारा दस्तावेज समय पर जमा नहीं करने के कारण पूरा प्रस्ताव अब तक लंबित है।
सूची में नहीं आया जिले का एक भी नाम
संघ का कहना है कि 15 जुलाई 2026 को जारी समयमान वेतनमान की सूची में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसी भी नियमित व्याख्याता का नाम शामिल नहीं है। इससे वर्षों से पात्र शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई है।
डीईओ से तत्काल कार्रवाई की मांग
व्याख्याता संघ ने डीईओ से मांग की है कि लंबित प्रस्ताव को बिना देरी के उच्च कार्यालय भेजा जाए, ताकि पात्र व्याख्याताओं को प्रथम समयमान वेतनमान का लाभ मिल सके।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत अध्यक्ष दिलीप झा के निर्देश पर जनभान सिंह पैकरा, दिनेश कुमार कश्यप, विजयेन्द्र चौहान, अक्षय नामदेव, फत्तेलाल चौधरी, अशोक सिंह पवार, बीरबल बघेल, गिरधारी कश्यप, मनराखन सिंह, श्रीमती सरिता राय सहित बड़ी संख्या में नियमित व्याख्याता उपस्थित रहे।





