रायगढ़। जनवरी 2024 में चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के ग्राम नवापाली में हुए चर्चित हत्याकांड में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। रायगढ़ पुलिस की मजबूत विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश श्री अश्वनी कुमार चतुर्वेदी के न्यायालय ने 22 जुलाई 2026 को यह फैसला सुनाया।
जमीन विवाद में कुल्हाड़ी से की थी हत्या
मामले के अनुसार 28 जनवरी 2024 को ग्राम नवापाली मेन रोड पर जमीन समतलीकरण के दौरान विवाद हुआ था। आरोपी हरिलाल खड़िया (30 वर्ष), निवासी मांझापारा बड़े अतरमुड़ा, थाना चक्रधरनगर ने जमीन पाटने की बात को लेकर हुए विवाद के बाद युवक विशाल सिंह ठाकुर पर कुल्हाड़ी से सिर और गर्दन पर कई वार कर हत्या कर दी थी।
घटना की सूचना मिलने के बाद चक्रधरनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मजबूत हुआ मामला
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक की मोटरसाइकिल, खून से सनी टोपी, चश्मा, चप्पल, रक्तरंजित मिट्टी सहित अन्य भौतिक साक्ष्य जब्त किए।
पुलिस ने आरोपी को 29 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी एवं घटना के समय पहने गए खून लगे कपड़े बरामद किए गए। सभी साक्ष्यों को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट भी अभियोजन के पक्ष में महत्वपूर्ण साबित हुई।
20 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला
मामले में अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। वहीं तत्कालीन थाना प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने वैज्ञानिक और तथ्यपरक विवेचना करते हुए मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए।
न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान और महत्वपूर्ण दस्तावेजी एवं भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी हरिलाल खड़िया को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया।
पीड़ित परिवार को मिलेगी क्षतिपूर्ति
न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन की पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत मृतक के परिजनों को ₹1 लाख की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की अनुशंसा भी की है।




