पूर्व मुख्यमंत्री ने छात्र आंदोलन, वंदे मातरम् और केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छात्र आंदोलन को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
‘बातचीत के बजाय बल प्रयोग किया गया’
भूपेश बघेल ने कहा कि संसद सत्र की शुरुआत के साथ ही सदन से लेकर सड़क तक हंगामे की स्थिति है, जिससे भाजपा का अलोकतांत्रिक चेहरा सामने आ गया है। उनका कहना था कि सरकार चाहती तो छात्रों को बातचीत के लिए बुला सकती थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाया गया।
युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का खामियाजा लाखों युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से करना चाहिए।
वंदे मातरम् पर भी जताई आपत्ति
वंदे मातरम् को लेकर प्रस्तावित नए नियमों पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जो लोग राष्ट्रवाद की बात कर रहे हैं, उनका ऐतिहासिक दृष्टिकोण अलग रहा है। बघेल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा की आलोचना करते हुए अपने राजनीतिक विचार व्यक्त किए।




