Balrampur Education : कलेक्टर बनीं शिक्षिका, दूरस्थ स्कूल में बच्चों को सिखाया अंग्रेजी उच्चारण का तरीका

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फुतूरटोली प्राथमिक शाला पहुंचीं कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, बच्चों से सवाल पूछकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता

बलरामपुर। जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी अंतर्गत प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बच्चों की पढ़ाई का स्तर परखा। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर अंग्रेजी, गणित सहित विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल पूछे और उनकी सीखने की क्षमता का आकलन किया।

बच्चों से ब्लैकबोर्ड पर हल करवाए गणित के सवाल

Balrampur Education पहल के तहत विद्यालय निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से पाठ्यक्रम आधारित प्रश्न पूछे और ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल हल करवाए। कक्षा चौथी की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने गुणा के सवालों का सही उत्तर दिया और 12 तक के पहाड़े सुनाए। वहीं कक्षा पांचवीं के छात्र टार्जन किंडो ने भी आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई।

अंग्रेजी के सही उच्चारण का कराया अभ्यास

कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी विषय से संबंधित सवाल पूछते हुए विभिन्न जानवरों के नाम अंग्रेजी में पूछे। बच्चों ने उत्साह के साथ जवाब दिया। इसके बाद कलेक्टर ने उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही उच्चारण का अभ्यास कराया और बताया कि नियमित अभ्यास से भाषा पर बेहतर पकड़ बनाई जा सकती है।

उन्होंने बच्चों को शब्दों को स्पष्ट और सही तरीके से बोलने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के आत्मविश्वास और सीखने के उत्साह को देखकर कलेक्टर ने उनकी सराहना की।

कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान शिक्षकों ने बताया कि प्राथमिक शाला फुतूरटोली में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित हैं। विद्यालय में कुल 13 विद्यार्थी दर्ज हैं, जिनमें से 9 विद्यार्थी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षकों को कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन देने कहा।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से बनेगी मजबूत नींव

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता अलग होती है। नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन और लगातार अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार होती है। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

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