रायगढ़। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में मासिक क्राइम मीटिंग लेकर सभी थाना प्रभारियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, यातायात सुधार और मानसून के दौरान बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए।
छह माह का रिपोर्ट कार्ड पेश, लंबित मामलों पर सख्ती
बैठक में वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के पहले छह माह का प्रदर्शन रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया गया। हत्या, हत्या के प्रयास, पॉक्सो, चोरी, महिला अपराध, गुमशुदगी और मर्ग प्रकरणों की एक-एक कर समीक्षा करते हुए एसएसपी ने सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण कर शीघ्र न्यायालय में चालान पेश करने के निर्देश दिए।
अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय पर जोर
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस का प्रमुख उद्देश्य पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है। इसके लिए सभी विवेचकों को वैज्ञानिक और विधिक दृष्टिकोण अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण जांच करनी होगी। उन्होंने जुआ, सट्टा, अवैध शराब, बदमाशों की निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई तेज करने के भी निर्देश दिए।
यातायात और बाढ़ प्रबंधन के लिए विशेष कार्ययोजना
मानसून के मद्देनज़र सड़क क्षति, जलभराव और ट्रैफिक जाम की संभावित स्थिति को देखते हुए यातायात शाखा को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही महानदी से लगे संवेदनशील क्षेत्रों में संभावित बाढ़ को लेकर थाना प्रभारियों को स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ समन्वय बनाकर पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की कार्यशाला आयोजित
बैठक के बाद प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने केस स्टडी के माध्यम से विवेचना में होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचने के उपाय बताए। उन्होंने सीसीटीएनएस सहित तकनीकी कार्यों में दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
एसएसपी का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “जनता को समय पर न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है। प्रत्येक विवेचना गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और कानून सम्मत हो, यही रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता है।”




