नई दिल्ली/गुरुग्राम। पूर्व अर्धसैनिक बलों के कल्याण को लेकर एक बार फिर उनकी भागीदारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। एलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन ने मांग की है कि जिला स्तर पर गठित अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों में 50 प्रतिशत पूर्व अर्धसैनिकों को शामिल किया जाए, ताकि कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
हरियाणा में वेबसाइट का शुभारंभ
गुरुग्राम के सेक्टर-44 स्थित एपरेल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरवीर सिंह ने रिटायर्ड जवानों और शहीदों के आश्रितों के लिए नई वेबसाइट का शुभारंभ किया। इस वेबसाइट के माध्यम से पूर्व अर्धसैनिक परिवार अपना पंजीकरण कर सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
वीर नारियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में हरियाणा के विभिन्न जिलों से पहुंचीं वीर नारियों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। दक्षिण हरियाणा के कई जिलों से सैकड़ों पूर्व अर्धसैनिक और वीरांगनाएं कार्यक्रम में शामिल हुईं। सोनीपत से जिला अध्यक्ष कलीराम के नेतृत्व में 20 से अधिक सेवानिवृत्त जवानों ने भी भाग लिया।
50% भागीदारी की प्रमुख मांग
एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पूर्व एडीजी सीआरपीएफ एच.आर. सिंह ने कहा कि जिला स्तर के अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों में जब तक 50% पूर्व अर्धसैनिकों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक वास्तविक कल्याण संभव नहीं है। उनका कहना है कि बोर्ड के गठन को लगभग 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन पूर्व अर्धसैनिकों की भागीदारी अब भी बेहद सीमित है।
11 वर्षों से जारी है संघर्ष
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने बताया कि पूर्व अर्धसैनिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए पिछले 11 वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व अर्धसैनिक कल्याण मंत्रियों और मुख्यमंत्री से भी इस संबंध में कई बार मुलाकात कर मांग रखी गई, लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए हैं।
आगे सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही पूर्व अर्धसैनिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस निर्णय लेगी, जिससे उनके कल्याण और हितों की रक्षा अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी।






