अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की अदालत ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों में से 3 आरोपियों को मंगलवार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार अदालत ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
जेल में बंद आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूछताछ
इससे पहले 29 जून को अदालत ने सभी 8 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। अभियोजन पक्ष के अनुसार 5 जुलाई को जेल में बंद अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान कुछ नई जानकारियां सामने आईं, जिसके आधार पर तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की आवश्यकता बताई गई।
पुलिस ने अदालत को बताया कि पूछताछ से मिले नए सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाने के लिए तीनों आरोपियों की हिरासत जरूरी है।
8 आरोपी जांच के घेरे में
इस मामले में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमा शंकर उर्फ टीनू आरोपी बनाए गए हैं।
79 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी का दावा
पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपियों से 79 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी की गई है। हालांकि सुभाष श्रीवास्तव के मामले में ऐसी बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां उन्हें भी कथित साजिश का हिस्सा मानकर जांच कर रही हैं।
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि चढ़ावे की कथित चोरी कुछ कर्मचारियों की व्यक्तिगत हरकत थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
SIT जांच में सामने आईं सुरक्षा संबंधी कमियां
SIT की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मंदिर की दान प्रबंधन व्यवस्था में मौजूद कुछ सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया। जांचकर्ताओं ने करीब 40 दिनों की अवधि में चोरी के लगभग 70 संदिग्ध मामलों की पहचान की है।
जांच में कर्मचारियों के सत्यापन की कमी, CCTV निगरानी व्यवस्था में कमजोरियां और निगरानी प्रणाली में खामियों को भी प्रमुख कारणों के रूप में देखा जा रहा है।
दान गिनती प्रक्रिया की भी जांच
SIT अब चढ़ावे की राशि की गिनती प्रक्रिया की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


