‘संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़’ अभियान का समापन, पुलिस-प्रशासन ने जनभागीदारी पर दिया जोर

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रायगढ़ में दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का समापन ‘पुलिस जन संवाद’ के साथ, नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक संकल्प

रायगढ़ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह एवं कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित रायगढ़ पुलिस की दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का समापन शनिवार को नगर निगम ऑडिटोरियम में आयोजित “पुलिस जन संवाद” कार्यक्रम के साथ हुआ। “संस्कारों से युक्त रायगढ़, नशा-सट्टा से मुक्त रायगढ़” थीम पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर अपने सुझाव साझा किए।

नशे के खिलाफ समाज की भागीदारी जरूरी

कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने किया। उन्होंने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा जैसी सामाजिक बुराइयों का स्थायी समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पुलिस और जिला प्रशासन ने संवाद का यह मंच तैयार किया।

महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि नशे के खिलाफ सामाजिक और नैतिक स्तर पर माहौल तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से अपने-अपने वार्ड और मोहल्लों से इस अभियान की शुरुआत करने तथा पुलिस को समय पर सूचना देकर सहयोग करने की अपील की।

युवाओं के पुनर्वास पर भी रहेगा फोकस

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ अपनी सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में नशे से जुड़ी घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि नशे की लत से बाहर आए युवाओं को रोजगार, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए भी समाज के सहयोग से कार्य करेगी।

उन्होंने कहा कि क्रिकेट सट्टा और अन्य प्रकार के सट्टे ने अनेक परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रभावित किया है, जबकि नशे के कारण युवा बार-बार अपराध की ओर लौट रहे हैं। इसी सोच के साथ यह अभियान शुरू किया गया है।

प्रशासन और समाज के साझा प्रयास पर जोर

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि नशा और जुआ-सट्टा पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने नागरिकों से नशे की चपेट में आए लोगों के पुनर्वास में भी सहयोग करने की अपील की।

नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने बताया कि रायगढ़ पुलिस द्वारा अवैध शराब, गांजा, अन्य नशीले पदार्थों, जुआ और क्रिकेट सट्टे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारण सड़क दुर्घटनाएं और अन्य अपराध बढ़ते हैं तथा किशोरों को नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने वालों पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

जन संवाद में आए महत्वपूर्ण सुझाव

कार्यक्रम में नागरिकों और विशेषज्ञों ने स्कूलों में वालंटियर तैयार करने, मेडिकल कॉलेज में नशामुक्ति एवं डि-एडिक्शन सेंटर स्थापित करने, नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सामाजिक संगठनों की भागीदारी बढ़ाने, सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप सूचना समूह बनाने, स्कूल-कॉलेजों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने तथा प्रत्येक ग्राम में “जन सूचना मित्र” नियुक्त करने जैसे सुझाव दिए।

सामूहिक शपथ के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों और नागरिकों ने नशा मुक्त रायगढ़ बनाने का सामूहिक संकल्प लिया तथा नशामुक्ति की शपथ ग्रहण की।

इस अवसर पर आशा त्रिपाठी, सुभाष त्रिपाठी, गुरुपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावर, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, डीएसपी उन्नति ठाकुर, प्रभात पटेल, उत्तम प्रताप सिंह, सुशांतो बनर्जी सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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