रेवाड़ी, रोहतक और बहादुरगढ़ क्षेत्र के हजारों अर्धसैनिक परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद
नई दिल्ली। हरियाणा के रेवाड़ी, रोहतक और बहादुरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बल (Paramilitary Forces) के परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सीजीएचएस (CGHS) डिस्पेंसरियों में मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति होने से इन क्षेत्रों के लाभार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

अब मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
Alliance of All Ex Paramilitary Forces Welfare Association के महासचिव रणबीर सिंह ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इन जिलों में CGHS डिस्पेंसरियों के संचालन और मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति से न केवल पैरामिलिट्री परिवारों, बल्कि बड़ी संख्या में रहने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी महसूस की जा रही थी, जिसके कारण सेवानिवृत्त जवानों और उनके परिवारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति
जानकारी के अनुसार, 12 जून 2026 को Central Government Health Scheme (CGHS) मुख्यालय के अपर महानिदेशक द्वारा जारी आदेश में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और अन्य नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गई है।
इस फैसले के बाद अब संबंधित डिस्पेंसरियों में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेंगी।
11 वर्षों के शांतिपूर्ण आंदोलन का परिणाम
एसोसिएशन के अनुसार यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे वर्षों का संघर्ष है। पूर्व एडीजी और एसोसिएशन अध्यक्ष एच.आर. सिंह के मुताबिक यह पिछले 11 वर्षों से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और सामूहिक प्रयासों का सुखद परिणाम है।
पूर्व सैनिकों का बढ़ा मनोबल
इस फैसले से पूर्व अर्धसैनिक जवानों और उनके परिवारों का मनोबल बढ़ा है। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जिन्होंने लंबे समय तक बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग उठाई थी।
CGHS डिस्पेंसरियों में मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति को पूर्व सैनिकों और केंद्रीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


