परंपरा और तकनीक का संगम: मोपका के किसान भरत क्षेत्रपाल बने प्रगतिशील खेती की जीवंत मिसाल

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30 वर्षों के अनुभव और आधुनिक तकनीक के मेल से 23 एकड़ भूमि में तैयार किया लाभकारी कृषि मॉडल

जिले के मोपका ग्राम के किसान भरत क्षेत्रपाल आज उन प्रगतिशील किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, अनुभव और नवाचार के दम पर खेती को केवल आजीविका नहीं, बल्कि एक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय के रूप में स्थापित किया है। लगभग 30 से 35 वर्षों के कृषि अनुभव के साथ उन्होंने अपनी 23 एकड़ भूमि को विविध और आधुनिक कृषि मॉडल में बदल दिया है।

 

खेती के प्रति उनकी लगन और दूरदर्शिता ने उन्हें क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है। वर्षों के अनुभव के साथ उन्होंने विभिन्न फसलों के उत्पादन में दक्षता हासिल की है, जिसमें अरबी (जिमीकंद) और हल्दी प्रमुख फसलें हैं। इन फसलों के साथ उन्होंने केले की उन्नत खेती को भी अपनाया और उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।


8 एकड़ में जी-9 केले की सफल खेती, दूसरी फसल भी तैयार होकर उत्पादन में पहुंची

वर्तमान में किसान भरत क्षेत्रपाल अपनी 8 एकड़ भूमि पर जी-9 किस्म के केले की उन्नत खेती कर रहे हैं। खास बात यह है कि उनके खेतों में केले की दूसरी फसल भी सफलतापूर्वक तैयार हो रही है, जो उनकी वैज्ञानिक कृषि पद्धति और बेहतर प्रबंधन क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है।

आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की उनकी सोच ने उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उनका खेत क्षेत्र आज अन्य किसानों के लिए एक सीखने योग्य मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।


ड्रिप सिंचाई प्रणाली से जल संरक्षण और बेहतर उत्पादन, लागत में कमी के साथ गुणवत्ता में सुधार

किसान भरत क्षेत्रपाल अपने खेतों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग करते हैं, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ फसलों को आवश्यकतानुसार नमी मिलती है। इस तकनीक से न केवल उत्पादन लागत में कमी आई है, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है।

जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में यह तकनीक उनके कृषि मॉडल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, जिससे खेती अधिक वैज्ञानिक और टिकाऊ बन रही है।


राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किसान, ‘कृषिरत्न’ पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित

उनकी कृषि उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्ष 2006 और 2011 में भारत सरकार द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित ‘कृषिरत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो उनकी लगन, नवाचार और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का प्रमाण है।


मंडी आधारित बिक्री से स्थिर आय, आधुनिक सोच ने बढ़ाई आर्थिक मजबूती

विपणन के क्षेत्र में भी वे पूरी तरह जागरूक हैं और अपनी उपज का विक्रय मंडी के माध्यम से करते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होता है और आय में स्थिरता बनी रहती है। खेती के साथ बाजार की समझ ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है।


प्रेरणा बनते किसान भरत क्षेत्रपाल, परंपरा और आधुनिकता का सफल उदाहरण

भरत क्षेत्रपाल की सफलता यह संदेश देती है कि पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

आज वे इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि मेहनत, अनुभव और वैज्ञानिक सोच के साथ खेती में नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।

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