रायगढ़: गारे-पलमा क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना से प्रभावित होने वाले भूमिहीन किसानों, छोटे भू-खंड धारकों और आदिवासी परिवारों के रोजगार एवं पुनर्वास के मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगें रखीं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि परियोजना से प्रभावित परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और उनके लिए स्पष्ट पुनर्वास नीति बनाई जानी चाहिए।
रोजगार और आजीविका को लेकर ग्रामीणों ने जताई चिंता
जानकारी के अनुसार प्रभावित ग्रामीणों ने जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी को बताया कि प्रस्तावित परियोजना में रोजगार, पुनर्वास और आजीविका सुरक्षा को लेकर अभी तक स्पष्ट नीति सामने नहीं आई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि परियोजना के कारण जंगल प्रभावित होंगे, जिससे वन उपज पर निर्भर बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से की मुलाकात
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण के अध्यक्ष नगेंद्र नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने रायगढ़ कलेक्टर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल, प्रदेश प्रतिनिधि अनिल अग्रवाल, पूर्व पार्षद संजय देवांगन, महामंत्री देवेंद्र शर्मा, जिला पंचायत सदस्य संपत्ति सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि परियोजना से प्रभावित भूमिहीन मजदूरों, छोटे भू-खंड वाले किसानों और आदिवासी परिवारों को स्थायी रोजगार, उचित पुनर्वास तथा आजीविका सुरक्षा की गारंटी दी जाए।
प्रशासन ने दिया सकारात्मक पहल का आश्वासन
मुलाकात के दौरान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रभावित भूमिहीन और छोटे भू-खंड धारक किसानों के रोजगार संबंधी विषयों पर सकारात्मक प्रयास करने की बात कही।
हितों की अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण ने कहा कि पार्टी किसानों, मजदूरों और आदिवासी समुदाय के अधिकारों के मुद्दों को लगातार उठाती रही है। नेताओं ने कहा कि यदि प्रभावित परिवारों के हितों की अनदेखी हुई तो पार्टी आगे भी प्रशासनिक और जनस्तर पर आवाज उठाती रहेगी।


