रायगढ़। वैदिक इंटरनेशनल स्कूल पटेलपाली में शुरू हुआ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रशिक्षण वर्ग
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा स्वयंसेवकों को शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में प्रांत स्तरीय युवा वर्ग का संघ शिक्षा वर्ग रायगढ़ के वैदिक इंटरनेशनल स्कूल पटेलपाली में 16 मई 2026 से 1 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण वर्ग का विधिवत शुभारंभ 17 मई 2026 की सुबह उद्घाटन सत्र के साथ हुआ।

भारत माता के चित्र के समक्ष पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, वर्गाधिकारी संजय पाण्डेय और प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रशिक्षण वर्ग में छत्तीसगढ़ प्रांत से कुल 107 शिक्षार्थी शामिल हुए हैं, जबकि उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए 30 शिक्षक भी मौजूद हैं।

राष्ट्र संगठन और सांस्कृतिक एकता पर क्षेत्र संघचालक ने रखा दृष्टिकोण
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मध्य क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने कहा कि राष्ट्र को संगठित और संस्कारित करने के लिए आदि-अनादिकाल में आदि शंकराचार्य ने पूरे भारतवर्ष का भ्रमण किया और चार पीठों की स्थापना की। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ के जल से दक्षिण के रामेश्वरम में अभिषेक की परंपरा भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जो क्षेत्र और प्रांत के भेद से ऊपर उठकर एक संस्कृति में जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि इतिहास में जब-जब हिंदू समाज प्रांतीय आधार पर विभाजित हुआ, तब-तब देश ने चुनौतियों का सामना किया। इसी उद्देश्य से हिंदू समाज को संगठित करने तथा आत्मगौरव और स्वाभिमान की भावना जागृत करने के लिए डॉ. केशवराव बलीराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की।
15 दिनों तक कठोर प्रशिक्षण के माध्यम से होगा व्यक्तित्व विकास
प्रशिक्षण वर्ग के दौरान शिक्षार्थी 15 दिनों तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को शारीरिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास करेंगे। संबोधन के दौरान डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने शिक्षार्थियों को शुभकामनाएं भी दीं।
संघ के शताब्दी वर्ष से जुड़ी गतिविधियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई
कार्यक्रम के दौरान लगी प्रदर्शनी का भी दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की झलकियों के साथ समाज में किए गए विभिन्न कार्यों को प्रदर्शित किया गया है।
यह प्रशिक्षण वर्ग 31 मई 2026 को समाप्त होगा, जिसके बाद 1 जून को शिक्षार्थी अपने निवास स्थान और कर्तव्य स्थलों के लिए रवाना होंगे।


