गोवा से रायगढ़ तक फैले ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट पर पुलिस का बड़ा प्रहार, करोड़ों के हवाला नेटवर्क के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार

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रायगढ़, 16 मई। रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के बड़े नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य भारत में सक्रिय एक संगठित सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में गोवा से छह बड़े सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में हवाला लेनदेन, डिजिटल बेटिंग नेटवर्क और कई शहरों तक फैले कनेक्शन सामने आए हैं।

गोवा के किराए के विला में चल रहा था सट्टा नेटवर्क, पुलिस ने की दबिश
थाना कोतवाली रायगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026 के तहत पहले गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। तकनीकी निगरानी के आधार पर साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की टीम गोवा पहुंची, जहां कैंडोलिम बीच क्षेत्र के एक किराए के विला में छापेमार कार्रवाई की गई।

दबिश के दौरान अमित मित्तल, मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू और सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू को गिरफ्तार किया गया। मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए।

तीन अलग-अलग तरीकों से संचालित होता था ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आईपीएल मैचों पर सट्टा चलाने के लिए कई तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। “अभिनंदन बुक/लाइन” के जरिए सेशन का भाव लिया जाता था और APK आधारित एप्लिकेशन के माध्यम से नीचे तक सट्टा रेट पहुंचाया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी APK आधारित लाइव टीवी ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसमें मैच का प्रसारण कुछ सेकंड पहले दिखता था। इसी समय अंतर का फायदा उठाकर नीचे जुड़े खिलाड़ियों तक भाव पहुंचाए जाते थे। इसके अलावा All Panel Exchange, Taj 777 और Diamond Exchange जैसी बेटिंग आईडी भी उपलब्ध कराई जा रही थीं।

‘मन्नू नथानी’ गैंग से जुड़े मिले तार, करोड़ों के लेनदेन के संकेत
तकनीकी जांच और मोबाइल डेटा के विश्लेषण में यह भी सामने आया कि आरोपी मध्य भारत में चर्चित “मन्नू नथानी” गैंग से जुड़े हुए थे। आरोपी ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, मटका और डिजिटल बेटिंग आईडी के जरिए नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

प्रारंभिक जांच में एक आईपीएल सीजन के दौरान करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिले हैं। पुलिस को कई डिजिटल रिकॉर्ड और हिसाब-किताब से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं।

हवाला नेटवर्क का खुलासा, नोटों के सीरियल नंबर से होता था लेनदेन
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गैंग हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन करता था। आरोपियों के मोबाइल फोन से नोटों के सीरियल नंबर साझा कर बड़ी रकम ट्रांसफर करने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इससे पहले भी इस मामले में एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी की जब्ती की जा चुकी है।

रायगढ़ से रायपुर और नागपुर तक फैले नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। इनके रायगढ़, खरसिया, रायपुर, सक्ती और अन्य शहरों के सट्टा नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का बयान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन सट्टा, संगठित अपराध और हवाला नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना पुलिस की प्राथमिकता है।

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