गोपनीय दस्तावेज लीक करने और परियोजना कार्य बाधित करने के आरोप, एफआईआर की मांग
धरमजयगढ़। क्षेत्र की बहुचर्चित मल्का पावर परियोजना एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। लंबे समय से परियोजना की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और स्थानीय हितों की अनदेखी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब परियोजना से जुड़ी धनवाड़ा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने मल्का रिनीवल एनर्जी के जनरल मैनेजर Rohit Shrivastava के खिलाफ थाना धरमजयगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। क्षेत्र में चर्चा है कि मामले में जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है।
कंपनी ने लगाए गंभीर आरोप
कंपनी द्वारा थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि रोहित श्रीवास्तव पूर्व में कंपनी के लाइजनिंग कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन वर्तमान में उनका कंपनी से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद उन पर परियोजना कार्यों में बाधा उत्पन्न करने, कंपनी की प्रतिष्ठा प्रभावित करने और अधिकारियों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
आवेदन के अनुसार ग्राम भालूपखना स्थित 7.5 मेगावाट लघु जल विद्युत परियोजना में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया है। यह परियोजना सीमित अवधि में ही बिजली उत्पादन कर पाती है, ऐसे में कार्य प्रभावित होने से कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
आरटीआई और गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों और गोपनीय जानकारियों को बाहरी लोगों तक पहुंचाकर लगातार आरटीआई आवेदन लगवाए जा रहे हैं। कंपनी का दावा है कि इससे न केवल परियोजना कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि विभिन्न शासकीय विभागों और अधिकारियों पर भी अनावश्यक प्रशासनिक दबाव बन रहा है।
कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों, कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टरों को झूठे आपराधिक मामलों, मारपीट, अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम और महिला संबंधी मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है। इससे परियोजना से जुड़े लोगों में भय और मानसिक तनाव का माहौल बना हुआ है।
पुलिस को सौंपे गए डिजिटल साक्ष्य
धनवाड़ा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने पुलिस को कुछ डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कंपनी ने पुलिस प्रशासन से रोहित श्रीवास्तव के खिलाफ वैधानिक एफआईआर दर्ज करने, परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कथित मानसिक उत्पीड़न और अवैध हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है।
कार्रवाई पर टिकीं क्षेत्र की निगाहें
मल्का परियोजना पहले भी विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रही है। अब कंपनी के भीतर से सामने आए इस नए विवाद ने पूरे मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। क्षेत्र में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और अब सभी की नजरें पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच पर टिकी हुई हैं।





