रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (Rationalization) को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नई पदस्थापना पर ज्वाइनिंग नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 176 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि 14 शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। कई मामलों में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
15 हजार से ज्यादा आदेश, 303 शिक्षकों ने नहीं किया ज्वाइन
विभागीय जानकारी के अनुसार, 25 अप्रैल तक 15,310 शिक्षकों के स्थानांतरण/पदस्थापना आदेश जारी किए गए थे। इनमें से 303 शिक्षकों ने नई जगह ज्वाइनिंग नहीं दी, जिसके बाद सरकार ने कार्रवाई शुरू की।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि कई बार निर्देश और चेतावनी देने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया, इसलिए अनुशासनात्मक कदम उठाना पड़ा।
किन जिलों में सबसे ज्यादा कार्रवाई
जिलावार आंकड़ों में कांकेर सबसे ऊपर है, जहां 72 शिक्षक निलंबित किए गए हैं। इसके अलावा—
- बलरामपुर – 24
- कोंडागांव – 23
- सुकमा – 9
- बस्तर, बीजापुर, दुर्ग, रायगढ़, रायपुर समेत कई जिलों में भी कार्रवाई हुई है।
14 शिक्षकों का वेतन रोका गया
सरकार ने 14 शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश भी दिया है। इनमें से 12 शिक्षक कोंडागांव जिले के बताए जा रहे हैं। अन्य मामलों को उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।
48 शिक्षकों पर विभागीय जांच
विभाग ने 48 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। कुछ शिक्षकों को आरोप पत्र जारी किए गए हैं, जबकि कुछ मामलों में अदालत में सुनवाई चल रही है।
हाईकोर्ट पहुंचे कई शिक्षक
युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से नाराज कई शिक्षकों ने स्थानांतरण आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कई याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।
सरकार का साफ संदेश
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का पालन नहीं करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था को संतुलित और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।
