NSUI ने कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल के खिलाफ खोला मोर्चा, जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
रायगढ़ में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने कार्मेल कॉन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यह कदम छोटे बच्चों पर कथित रूप से जबरन परीक्षा थोपने के विरोध में उठाया गया है। प्रदर्शन का नेतृत्व NSUI जिला सचिव गौरव साव ने किया।

“बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य से खिलवाड़” – NSUI का स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
NSUI ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। जिला सचिव गौरव साव ने कहा कि एक ओर भीषण गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर बिना पूरा पाठ्यक्रम कराए छोटे बच्चों पर ‘फास्ट टर्म’ परीक्षा का दबाव बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है।
अधूरा सिलेबस और भीषण गर्मी में परीक्षा, अभिभावकों और छात्रों में बढ़ा आक्रोश
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, स्कूल द्वारा बिना सिलेबस पूरा कराए परीक्षा लेना शिक्षा के मूल मानकों के खिलाफ है। साथ ही भीषण गर्मी में परीक्षा आयोजित करने से बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। इस फैसले से अभिभावकों और छात्रों में भारी नाराजगी और मानसिक तनाव देखा जा रहा है।
चेतावनी: मांग नहीं मानी गई तो होगा उग्र घेराव, प्रशासन को दी जिम्मेदारी की चेतावनी
गौरव साव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया और परीक्षा को निरस्त नहीं कराया, तो NSUI छात्र हित में स्कूल का उग्र घेराव करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
आंदोलन में छात्र नेताओं और अभिभावकों की सहभागिता, परीक्षा रद्द करने की उठी मांग
इस दौरान NSUI डिग्री कॉलेज के बलराम गोंड, रोहित, हर्ष, विशाल, विनय, मोहित सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। साथ ही जागरूक अभिभावकों ने भी एक स्वर में परीक्षा आयोजन को रद्द करने की मांग उठाई, जिससे यह मुद्दा और अधिक गंभीर होता नजर आ रहा है।
प्रशासन के रुख पर टिकी नजर, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पूरा मामला अब प्रशासनिक हस्तक्षेप की प्रतीक्षा में है। शिक्षा व्यवस्था में बच्चों पर बढ़ते दबाव और संस्थानों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि जिला शिक्षा विभाग इस मामले में क्या निर्णय लेता है।


