प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई अहम चर्चा
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में मौजूदा हालात और उससे निपटने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद यह दूसरी CCS बैठक है।
वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा और अन्य उच्च अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सुरक्षा और रणनीति पर हुआ मंथन
बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत पर संभावित प्रभाव, ऊर्जा आपूर्ति, आर्थिक स्थिति और नागरिकों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी पर जोर दिया।
‘मन की बात’ में भी जताई चिंता
इससे पहले अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस युद्ध को “चुनौतीपूर्ण स्थिति” बताया था। उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे समय में अफवाहों से बचना और जिम्मेदार व्यवहार करना बेहद जरूरी है।
संकट के राजनीतिकरण से बचने की अपील
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के गंभीर अंतरराष्ट्रीय संकट का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और सभी को मिलकर इस स्थिति का सामना करना होगा।


