कांग्रेस के टॉप तीन नेता केरल और असम विधानसभा चुनावों के लिए आक्रामक अभियान का नेतृत्व करेंगे

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नई दिल्ली: कांग्रेस, केरल और असम में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में एक जोरदार अभियान चलाने की योजना बना रही है.

केरल की सभी 140 विधानसभा सीटों और असम की 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा. नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. कांग्रेस केरल में यूडीएफ के हिस्से के तौर पर लगभग 95 सीटों पर और असम में विपक्षी गठबंधन के हिस्से के तौर पर 100 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस का चुनावी अभियान 26 मार्च नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद पूरी रफ़्तार से शुरू होने वाला है. इस दौरान विपक्ष के नेता (LoP) से दोनों राज्यों में कई जनसभाओं को संबोधित करने की उम्मीद है. वे मतदाताओं को लुभाने के लिए पार्टी के सामाजिक कल्याण और विकास के एजेंडे को प्रमुखता से उठाएंगे और साथ ही केरल में सत्ताधारी एलडीएफ तथा असम में एनडीए को भी निशाना बनाएंगे.

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने आगे बताया कि प्रियंका उन महिला वोटरों को लुभाने पर ध्यान देंगी जो कुल वोटरों का आधा हिस्सा हैं. इसके अलावा वह चुनाव वाले दोनों राज्यों में सत्ताधारी गठबंधनों पर भी निशाना साधेंगी. कांग्रेस 2016 से ही असम और केरल, दोनों राज्यों में विपक्ष में रही है और उसे उम्मीद है कि 2026 में वह फिर से सत्ता में लौटेगी.

हालांकि, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि जहां एक तरफ कांग्रेस के रणनीतिकार केरल में जीत को लेकर आश्वस्त हैं, वहीं असम में भी जीत का अच्छा मौका है, लेकिन वहां जीत हासिल करना अभी भी एक मुश्किल काम है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि केरल में जीत की बेहतर संभावनाओं को देखते हुए, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों ही चुनाव प्रचार के इस छोटे से समय में केरल में करीब 10-12 जनसभाओं को संबोधित करेंगे. इन जनसभाओं में रैलियां, नुक्कड़ सभाएं और रोड शो शामिल होंगे. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी योजना इस दक्षिणी राज्य के सभी 14 जिलों को कवर करने की है.

केरल के प्रभारी एआईसीसी सचिव पीवी मोहन ने ईटीवी भारत को बताया,’विपक्ष के नेता 25 मार्च को कोझिकोड में एक जनसभा के लिए राज्य का दौरा करेंगे. प्रियंका गांधी भी जल्द ही राज्य का दौरा करेंगी. हमारा चुनाव प्रचार बहुत जोरदार होने वाला है. हम एलडीएफ सरकार की नाकामियों को निशाना बनाएंगे. साथ ही, हम मतदाताओं के सामने राज्य के विकास का अपना विजन भी पेश करेंगे. हम राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने की कोशिश करेंगे.’

प्रियंका गांधी लोकसभा में वायनाड का प्रतिनिधित्व करती हैं, यह वह क्षेत्र है जिसका प्रतिनिधित्व राहुल गांधी ने 2019-2024 तक किया था. इसलिए, राज्य में दोनों नेताओं का विशेष ध्यान है. एआईसीसी जो केरल पर दांव लगा रही है, उसने चुनाव प्रचार में तालमेल बिठाने के लिए देश भर से वरिष्ठ नेताओं को सभी 14 जिलों में पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किया है. रविवार को केरल की प्रभारी एआईसीसी नेता दीपा दासमुंशी और विशेष पर्यवेक्षक सचिन पायलट और केजे जॉर्ज ने अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर इन पर्यवेक्षकों को जानकारी दी.

केरल के प्रभारी एआईसीसी सचिव बीएम संदीप ने ईटीवी भारत को बताया,’यूडीएफ मजबूती से आगे बढ़ रहा है. हमने बिना किसी हंगामे के सभी सीटों पर उम्मीदवारों का चयन पूरा कर लिया है. इससे पता चलता है कि नेतृत्व ने उम्मीदवारों के चयन और लोगों की उम्मीदों को कितनी असरदार तरीके से संभाला है.’

उन्होंने कहा, ‘एलडीएफ सरकार ने जन कल्याण की अनदेखी की है और संसाधनों का गलत इस्तेमाल किया है. हमारे वादों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और हर नागरिक के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है.’

असम के प्रभारी एआईसीसी सचिव मनोज चौहान ने ईटीवी भारत को बताया,’असम में जनता से जुड़ने के लिए शीर्ष नेतृत्व के लगभग 4-5 सार्वजनिक कार्यक्रमों और कई नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करने की उम्मीद है. कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि एनडीए का मुकाबला करने के लिए यह जोरदार प्रचार अभियान ऊपरी असम के जिलों—जिनमें डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, जोरहाट, माजुली, लखीमपुर और धेमाजी शामिल हैं की लगभग 35 सीटों पर केंद्रित रहेगा. पूरा शीर्ष नेतृत्व राज्य में प्रचार करेगा. इसका ब्योरा तैयार किया जा रहा है.’

पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन घटोवार ने कहा कि कांग्रेस का चुनाव प्रचार 26 मार्च के बाद जोर-शोर से शुरू होगा और इसमें एनडीए सरकार की नाकामियों के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्य के लिए पार्टी के विजन पर भी जोर दिया जाएगा. घटोवार ने ईटीवी भारत से कहा, ‘हमारा घोषणापत्र भविष्य के लिए एक विजन पेश करेगा. चुनाव प्रचार में जाहिर तौर पर राज्य सरकार की नाकामियों को उजागर किया जाएगा. हम स्थानीय गौरव से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देंगे.’

पार्टी एक ऐसा घोषणापत्र जारी करने की भी योजना बना रही है, जिसमें स्थानीय जनजातियों और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी, ताकि एनडीए द्वारा महिलाओं के लिए चुनाव से ठीक पहले घोषित भत्ते का मुक़ाबला किया जा सके.

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