सिरसी धान खरीदी केंद्र में मनमानी चरम पर — किसानों से अतिरिक्त वसूली, मजदूरी भी थोप रहे जिम्मेदार; अफसर बने मूकदर्शक

सूरजपुर कौशलेन्द्र यादव।भैयाथान ब्लॉक के सिरसी धान खरीदी केंद्र में इस वर्ष भी गड़बड़ियों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसानों के अनुसार केंद्र में प्रत्येक बोरी में नियमित 40.500 किलो के बजाय 41.200 किलो का वजन लिया जा रहा है। यानी हर बोरी में नियम के खिलाफ 700 ग्राम तक की अतिरिक्त वसूली कर किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
इतना ही नहीं, मजदूरी का पूरा भुगतान सरकार द्वारा दिया जाने के बावजूद किसानों से जबरन मजदूरी भी वसूली जा रही है। जब इस संबंध में समिति प्रभारी से पूछा गया तो उन्होंने तर्क दिया कि “सूक्ति आता है इसलिए धन लिया जा रहा है”। और मजदूरी वसूली पर कहा— “किसान के बिना काम हो नहीं सकता, सहयोग करना पड़ेगा।”
किसानों ने इसे स्पष्ट भ्रष्टाचार बताया है।
अफसरों की चुप्पी सवालों के घेरे में
लगातार शिकायतों के बाद भी अधिकारी मौके पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। तहसीलदार ने केवल इतना कहकर मामला टाल दिया कि— “देखता हूं, नियम के अनुसार कार्रवाई होगी।”
लेकिन किसानों का कहना है कि कार्रवाई से ज्यादा आश्वासन ही मिल रहा है, जिससे प्रभारी के हौसले बुलंद हैं।
पहले भी सामने आ चुके गंभीर आरोप
समिति प्रभारी का विवादों से पुराना नाता है। पूर्व में जब केंद्र बंद था, तब धान को प्राइवेट वाहन से ले जाने का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बावजूद उसी प्रभारी को फिर से केंद्र की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
किसानों के अनुसार यह साफ संकेत है कि भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दी जा रही है।
किसानों में भारी आक्रोश
लगातार मनमानी और वसूली से किसान बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार धान खरीदी को पारदर्शी बनाने की बात करती है, पर जमीनी स्तर पर केंद्र प्रभारी ही नियमों को रौंद रहे हैं, और प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है।




