छत्तीसगढ़

नवा रायपुर : स्मार्ट, हरित और डिजिटल युग का नया आईटी हब

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भारत के तेज़ी से बढ़ते नगरीयकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ का नवा रायपुर अटल नगर एक आदर्श उदाहरण के रूप में उभर रहा है। रायपुर के समीप स्थित यह नियोजित शहर केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि एक आधुनिक, हरित और स्मार्ट सिटी की सशक्त परिकल्पना का साकार रूप है।

वर्ष 2000 के बाद पुराने रायपुर में जनसंख्या और यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए राज्य सरकार ने एक नए, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल नगरीय केंद्र की योजना बनाई — और इसी से जन्म हुआ नवा रायपुर अटल नगर का। इसका उद्देश्य केवल सरकारी कार्यालयों को स्थानांतरित करना नहीं, बल्कि एक स्मार्ट और सतत विकासशील नगरीय केंद्र स्थापित करना था जो आने वाले दशकों तक राज्य के विकास को दिशा दे सके।

आधुनिक अधोसंरचना और हरित विकास

नवा रायपुर की सबसे बड़ी पहचान इसकी अत्याधुनिक अधोसंरचना है। चौड़ी सड़कें, साइकिल ट्रैक, पैदल पथ और स्वचालित ट्रैफिक नियंत्रण प्रणाली शहर को व्यवस्थित रूप से जोड़ती हैं।
फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क, वाई-फाई ज़ोन, ई-गवर्नेंस और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी तकनीकें इसे डिजिटल रूप से सक्षम बनाती हैं। लगभग 30% भूमि हरित क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखी गई है। सेंट्रल पार्क, झीलें और सौर ऊर्जा संयंत्र इसे एक ग्रीन सिटी के रूप में पहचान दिलाते हैं।

आईटी हब की ओर कदम

डिजिटल भारत के विज़न को साकार करते हुए नवा रायपुर अब तेजी से आईटी और आईटीईएस उद्योगों का नया केंद्र बनता जा रहा है।
पहले चरण में मेसर्स स्क्वेयर बिजनेस सर्विसेस प्रा. लि. (हैदराबाद) और मेसर्स रेडिकल माइंड्स टेक्नोलॉजीज प्रा. लि. (नई दिल्ली) जैसी कंपनियों ने आवेदन किए हैं, जिनका संयुक्त वार्षिक टर्नओवर ₹110 करोड़ से अधिक है। इन कंपनियों के माध्यम से लगभग 2,200 कुशल युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।

प्राधिकरण द्वारा पुनः आमंत्रित आवेदनों में मेसर्स टेल परफॉर्मेंस प्रा. लि. (गुरुग्राम) और एचआरएच नेक्स्ट सर्विसेस प्रा. लि. (हैदराबाद) के आवेदन अपेक्षित हैं, जो लगभग 1.6 लाख वर्गफीट क्षेत्र में आईटी इकाइयों की स्थापना कर सकते हैं। इससे करीब 3,800 नए रोजगार अवसर सृजित होंगे।

स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी इनोवेशन को प्रोत्साहन

नवा रायपुर में आईटी पार्क, टेक्नोलॉजी टॉवर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर और रिसर्च लैब विकसित किए जा रहे हैं। को-वर्किंग स्पेस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) के लिए विशेष पैकेज दिए गए हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ यहाँ निवेश कर सकें।

आर्थिक और सामाजिक विकास का केंद्र

शहर में शैक्षणिक संस्थान, मेडिकल यूनिवर्सिटी, बिज़नेस पार्क और रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से विकसित हो रहे हैं। पारदर्शी नीतियाँ, भूमि आवंटन की सुविधा और सिंगल-विंडो सिस्टम निवेशकों के लिए इसे आकर्षक बनाते हैं।

वर्क-लिव-प्ले का आदर्श मॉडल

नवा रायपुर का जीवन “वर्क-लिव-प्ले” मॉडल पर आधारित है — जहाँ रोजगार, आवास और मनोरंजन एक ही क्षेत्र में उपलब्ध हैं। स्वच्छ पर्यावरण, सुगम परिवहन और सुरक्षित जीवनशैली इसे एक आदर्श शहरी केंद्र बनाते हैं।

भविष्य की दिशा

हालांकि शहर को अभी जनसंख्या वृद्धि और निजी उद्योगों की संख्या बढ़ाने जैसी चुनौतियों का सामना करना है, लेकिन सरकार मेट्रो कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक वाहन नेटवर्क और डिजिटल सिटी मैनेजमेंट सिस्टम जैसी योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।

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