रायपुर। उत्तराखंड के चमोली जिले में 13 अगस्त को निर्माणाधीन टनल में हुए दर्दनाक हादसे में 10 श्रमिकों की मौत हुई। करीब 117 घंटे चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाला गया। हादसे में कुल 10 श्रमिकों की जान गई और 12 को सुरक्षित बचाया गया।
कोंडागांव के चार श्रमिकों की गई जान
हादसे में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के चार श्रमिक भी शामिल थे। जानकारी के अनुसार ग्राम धनसुली के दो, मदनार के एक और दहीकोंगा के एक श्रमिक की मौत हुई है। वहीं जिले के दो अन्य श्रमिक घायल हुए हैं।
हादसे की सूचना के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं हादसे में घायल छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों को इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।
अंतिम संस्कार के लिए कोंडागांव लाए गए पार्थिव शरीर
दिवंगत श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। हादसे के बाद परिवारों में शोक का माहौल है।
13 अगस्त को हुआ था हादसा
चमोली के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की टनल में 13 अगस्त को अचानक पानी और मलबा घुस गया था। घटना के बाद सुरंग में कई श्रमिक फंस गए थे। राहत एवं बचाव एजेंसियों ने लगातार अभियान चलाकर श्रमिकों को बाहर निकाला।




