रायगढ़ : सेवा समाप्ति की जगह सिर्फ तबादला, कोटखर्रा रोजगार सहायक पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

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रायगढ़। ग्राम पंचायत कोटखर्रा के रोजगार सहायक के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक पर गंभीर अनियमितताओं और मनरेगा कार्यों में लापरवाही के आरोप लगे थे। इसके बावजूद सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने के बजाय केवल दूसरे पंचायत में तबादला कर दिया गया।

मनरेगा कार्यों में लापरवाही और वसूली के आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक रोजगार सहायक के खिलाफ मनरेगा कार्यों में लापरवाही, हितग्राहियों से कथित अवैध वसूली और पंचायत के कार्यों में अनियमितता को लेकर लगातार शिकायतें की गई थीं। ग्रामीणों का दावा है कि शिकायतों की जांच में भी आरोप सही पाए गए थे।

तबादले से ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर आरोपों के बावजूद संबंधित कर्मचारी को सेवा से हटाने के बजाय दूसरी पंचायत में भेज दिया गया। उनका सवाल है कि यदि किसी कर्मचारी पर अनियमितताओं के आरोप सही पाए गए हैं, तो केवल तबादला करने से व्यवस्था में सुधार कैसे होगा?

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तबादले की कार्रवाई से मामले में केवल खानापूर्ति हुई है और इससे अन्य कर्मचारियों में भी गलत संदेश जा सकता है।

कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर रोजगार सहायक की सेवा समाप्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाली अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।

हालांकि, रोजगार सहायक के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जांच में आरोप सही पाए जाने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।

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