रायगढ़, 26 मार्च।
🔹 नौकरी दिलाने का झांसा देकर सुनियोजित तरीके से लाखों की ठगी, पुलिस की बड़ी कार्रवाई में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर की गई बड़ी ठगी के मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विवेक उर्फ विवेक कुमार विश्वकर्मा उर्फ विवेक कुमार शर्मा निवासी वैशाली नगर, दुर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पुसौर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में आरोपी को दुर्ग से पकड़कर रायगढ़ लाया गया और न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी सितेश पाणिग्राही निवासी गोपालपुर, चन्द्रपुर अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
🔹 पीड़ितों को मंत्रालय में नौकरी का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठे गए, फर्जी आश्वासन से बनाया शिकार
प्रकरण के अनुसार, पीड़ित कुंजबिहारी पटेल (32 वर्ष) निवासी ग्राम घुघवा थाना पुसौर ने 22 जनवरी को थाना पुसौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सितेश पाणिग्राही, जिसके पिता दुर्गा पाणिग्राही का गांव में आना-जाना था, ने मंत्रालय में पहचान होने का दावा कर सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने अपने भाई का ऑनलाइन जॉइनिंग लेटर भी दिखाया और किस्तों में बड़ी रकम की मांग की।
कुंजबिहारी पटेल ने नौकरी के लालच में अपनी जमीन बेचकर अप्रैल 2022 में 4,58,300 रुपये और बाद में 3,69,000 रुपये आरोपी को दिए।
🔹 अन्य ग्रामीणों को भी बनाया शिकार, कुल 20 लाख से अधिक की ठगी का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी सितेश पाणिग्राही ने इसी तरह अन्य लोगों से भी ठगी की। गांव के मुन्ना प्रसाद डनसेना से 3,77,000 रुपये और देवकुमार से 8,00,000 रुपये लेकर कुल 20,04,000 रुपये की धोखाधड़ी की गई।
जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने टालमटोल करते हुए कभी रकम लौटाने तो कभी जमीन की रजिस्ट्री करने का झांसा दिया। बाद में वह पीड़ितों को दुर्ग ले गया, जहां विवेक कुमार से मिलवाया गया। दोनों ने पैसे लेने की बात स्वीकार की और पीड़ितों को चेक दिए, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए।
🔹 तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तारी, आरोपी से अहम सामान जब्त
मामले की विवेचना के दौरान पुसौर पुलिस ने गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी विवेक कुमार का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार की। उसके कब्जे से एचडीएफसी बैंक का एक चेक, बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की ठगी में शामिल रहा है, जिसकी जांच जारी है।
🔹 पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका से सफलता, फरार आरोपी की तलाश तेज
पुसौर पुलिस ने 25 मार्च 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। प्रकरण के दूसरे आरोपी सितेश पाणिग्राही की तलाश लगातार जारी है।
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी रायगढ़ मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक मोहन भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक मनमोहन बैरागी, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता और आरक्षक राहुल सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
🔹 एसएसपी का सख्त संदेश—झांसे में न आएं, संदिग्ध गतिविधि की तुरंत दें सूचना
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगता है तो सतर्क रहें और ऐसे झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
