मामले में कार्रवाई के बाद जिले के खाद विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। कृषि विभाग ने साफ कहा है कि किसानों के लिए निर्धारित खाद की कालाबाजारी और अनियमित वितरण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्रवाई के दौरान कई दुकानों और गोदामों की जांच की गई।
दिशा सेल्स में 2300 से ज्यादा बोरी खाद पर कार्रवाई
जांच के दौरान चांपा स्थित दिशा सेल्स में बड़ी मात्रा में खाद के भंडारण और वितरण में अनियमितता सामने आई। विभागीय टीम ने यहां 2300 से अधिक बोरी खाद पर विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए जब्ती की कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने के बाद यह कदम उठाया गया।
Janjgir Champa Fertilizer Black Marketing मामले में कृषि विभाग अब दस्तावेजों की भी जांच कर रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि कई बार जरूरत के समय खाद उपलब्ध नहीं हो पाता, जबकि बाजार में कालाबाजारी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
बलौदा के पिसौद में अवैध भंडारण का खुलासा
वहीं बलौदा क्षेत्र के पिसौद स्थित एक कृषि केंद्र में अवैध भंडारण मिलने पर 332 बोरी खाद जब्त की गई। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दुकान को भी सीलबंद कर दिया। जांच टीम ने स्टॉक रजिस्टर और बिक्री रिकॉर्ड की भी जांच की।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे समय में कालाबाजारी और अनियमित वितरण किसानों की परेशानी बढ़ा सकता है।
किसानों के हित में जारी रहेगी कार्रवाई
कृषि विभाग का कहना है कि किसानों को समय पर और उचित दर पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी केंद्र में खाद वितरण में अनियमितता या कालाबाजारी पाई जाती है तो आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मामले के बाद जिले के अन्य खाद विक्रेताओं और कृषि केंद्रों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। विभागीय टीम लगातार निरीक्षण कर रही है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन ने सख्ती के दिए संकेत
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर चल रही इस कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग तकनीकी निगरानी और रिकॉर्ड सत्यापन पर भी जोर दे रहा है। फिलहाल Janjgir Champa Fertilizer Black Marketing मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में अन्य केंद्रों पर भी कार्रवाई हो सकती है।