मेडिकल कॉलेज एक्शन कमेटी के आह्वान पर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक पूरी तरह ठप रहा जनजीवन
तालचेर। पृथ्वी मोहन प्रधान मेडिकल कॉलेज में बेहतर रोगी देखभाल सुविधा की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज एक्शन कमेटी ने आज 12 घंटे के तालचेर बंद का आह्वान किया। यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक प्रभावी रहा, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित रहा और व्यापक स्तर पर विरोध देखने को मिला।
रेल, सड़क और खदानों में असर, कोयला परिवहन और उत्पादन पूरी तरह रोका गया
बंद के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे क्षेत्रों में खदानों का काम प्रभावित रहा। कोयला परिवहन को भी रोक दिया गया, जबकि रेल मार्ग से कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप रही। तालचेर की सभी प्रमुख कोयला खदानों से उत्पादन और परिवहन बंद कर दिया गया, जिससे औद्योगिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा।
साथ ही बस सेवाएं, दुकानें और बाजार भी बंद रहे, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आया।
मेडिकल कॉलेज में सुविधा स्थानांतरण पर भड़का आक्रोश, स्थानीय लोगों में नाराजगी
जानकारी के अनुसार, पृथ्वी मोहन प्रधान मेडिकल कॉलेज तालचेर में स्थापित किया गया था, लेकिन रोगी देखभाल सुविधाओं को तालचेर से अंगुल स्थानांतरित किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। एक्शन कमेटी का कहना है कि इस निर्णय से तालचेर के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित किया गया है।
कमेटी का आरोप है कि इससे स्थानीय मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कई लोग समय पर इलाज न मिलने के कारण खतरे की स्थिति में पहुंच रहे हैं।
लंबे समय से चल रहा आंदोलन, प्रशासन पर अनसुनी करने का आरोप
एक्शन कमेटी 8 जनवरी से तालचेर में सब-डिविजनल कलेक्टर कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रही है। लेकिन कई दौर की बातचीत और विरोध के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से आक्रोश और बढ़ गया है।
इसी के चलते आज 12 घंटे के बंद का आह्वान किया गया, ताकि सरकार और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया जा सके।
शिक्षण संस्थान और व्यापारिक गतिविधियां भी रहीं प्रभावित
बंद के कारण तालचेर में सभी शिक्षण संस्थान, व्यापारिक प्रतिष्ठान और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह बंद रहे। कोयला उत्पादन, रेल और सड़क मार्ग पर भी प्रभाव देखने को मिला, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां ठप रहीं।
जनता की मांग — बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और तत्काल समाधान
स्थानीय लोगों और एक्शन कमेटी की मुख्य मांग है कि तालचेर में ही मेडिकल कॉलेज से जुड़ी सभी रोगी देखभाल सुविधाएं बहाल की जाएं। उनका कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं किया जाता।


