रिपोर्टर अभिषेक कुमार पाण्डेय
कौशिक ढाबा के पास घेराबंदी कर पुलिस ने पकड़ी शराब की खेप, सेब के कार्टन में छिपाकर ले जा रहे थे आरोपी
बिलासपुर। दूसरे जिले से बिलासपुर क्षेत्र में अवैध शराब पहुंचाने के प्रयास का हिर्री पुलिस ने खुलासा करते हुए बाइक सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी मुंगेली जिले के सरगांव से बाइक पर देशी शराब की खेप लेकर बिलासपुर की ओर आ रहे थे। कौशिक ढाबा के पास घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा गया। तलाशी के दौरान सेब के कार्टन से 100 पाव देशी शराब बरामद हुई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह और सीएसपी चकरभाठा राजेश जोशी के निर्देश पर अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई थी। थाना प्रभारी दामोदर प्रसाद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम को गुरुवार दोपहर करीब 12:35 बजे सूचना मिली कि सरगांव की ओर से एक बाइक में शराब की खेप भोजपुरी टोल प्लाजा की तरफ ले जाई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ग्राम भोजपुरी पहुंची और कौशिक ढाबा के सामने संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी।
सेब के कार्टन के अंदर मिली 100 पाव शराब
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध बाइक को रोककर उसमें सवार दोनों युवकों से पूछताछ की। तलाशी लेने पर बाइक पर रखे KINNAUR APPLE लिखे सेब के कार्टन के अंदर देशी शराब के पाव बरामद हुए।
पुलिस के मुताबिक कार्टन से कुल 100 पाव देशी प्लेन मदिरा, करीब 18 लीटर, बरामद की गई। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 8 हजार रुपये बताई गई है। शराब परिवहन में इस्तेमाल की जा रही सुपर स्प्लेंडर बाइक क्रमांक CG 28 M 7829 को भी पुलिस ने जब्त कर लिया।
सरगांव के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस ने मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- केदार साहू (25 वर्ष), वार्ड नंबर 02, सरगांव, जिला मुंगेली।
- राजेन्द्र साहू (20 वर्ष), वार्ड नंबर 02, सरगांव, जिला मुंगेली।
के रूप में हुई है।
आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज
हिर्री पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 282/2026 दर्ज किया है। मामले में धारा 34(2) एवं 59(क) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर प्रसाद मिश्रा, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र राजपूत, आरक्षक सुखदेव कश्यप, जितेंद्र जगत, सूरज कुर्रे और जयप्रकाश कंवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
