होली सेवियर गिरजाघर में क्रिसमस शुरू

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1 दिसंबर से शुरू हुए कई कार्यक्रम, पेरिस पुरोहित कुंदन मालवा के देख रेख में निर्माण हो रहा है नए और भव्य प्रवेश द्वार,                           

एंग्लो इंडियन और यूरोपियन रेलवे कर्मचारियों के लिए किया गया था होली सेवियर चर्च का निर्माण

चक्रधरपुर। चक्रधरपुर के सीएनआई चर्च ( होली सेवियर गिरजाघर) में क्रिसमस का आगमन हो गया है। इसके लिए 1 दिसंबर से कार्यक्रम प्रारंभ हो गए हैं। 1 दिसंबर से 13 दिसंबर तक 4 आगमन काल अथवा एडवेंट काल कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं। 24 दिसंबर देर रात को यहां भगवान ईशु मसीह का जन्म दिवस मनाया जाएगा। इसके लिए रात साढ़े ग्यारह बजे से प्रभु ईशु मसीह की आराधना की जाएगी।

इस अवसर पर बढ़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग शामिल होंगे। 25 दिसंबर को चर्च में साढ़े छह बजे अंग्रजी में और 8 बजे हन्दिी में आराधना की जाएगी, जिसमें ईशु मसीह कृत संदेश सुनाया जाएगा। इसके अलावा प्रभु भोज साक्रामेत अनुष्ठान का आयोजन होगा जिसमें में बड़ी संख्या में मसीह समाज के लोग शामिल होंगे।

क्या है होली सेवियर चर्च का इतिहास
चक्रधरपुर का सीएनआईचर्च (होली सेवियर गिरजाघर) का नर्मिाण मूल रूप से एंगलो इंडियन और यूरोपियन ईसाई रेलवे कर्मचारियों लिए किया गया था। यह लाल गिरजाघर के नाम से प्रसद्धि है। वर्ष 1892-93 में चक्रधरपुर के मसीही रेलवे कर्मचारियों के लिए रेव्ह आर्थर लोंग्सडेल चाईबासा से महीने में एक बार गिरजा करने के लिए यहां आते थे।

उस समय यहां कोई गिरजाघर नही था। इसलिए कभी रेलवे स्टेशन मास्टर के दफ्तर, कभी प्रतीक्षालय में तो कभी पोटका डाक बंगला में प्रभु की आराधना की जाती थी। समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेव्ह लोंग्सडेल ने मई 1893 में मिशन कंपाउंड में जमीन का एक टुकड़ा खरीदा और वहां एक अस्थायी गिरजाघर व वश्रिामगृह का नर्मिाण कराया।

25 मई 1894 को गिरजाघर के लिए ेेशिलान्यास किया गया और यह 1896 में बनकर तैयार हो गया। उस समय इसे बनाने में छह हजार रुपए खर्च हुए थे। 20 सितंबर 1896 को इस गिरजाघर को आराधना के लिए पहली बार खोला गया।

उस दिन की हिंदी आराधना में प्रभुभोज ग्रहण करने की पात्रता रखने वाले 14 और अंग्रेजी आराधना के लिए आठ मसीही समाज के लोग शामिल हुए। इसके बाद के दिनों में यहां मनोहरपुर , मुरहू और आद्रा से पादरी आने लगे। मिशनरी के रूप में मिस पोप 1922 और डिकेंस हेलेन  स्कोफल्डि 1937 में यहां आई। 1938 में प्रचारक  जॉन लुगुन की नियुक्ति हुई।

गिरजाघर बनाने सेे पहले एक लोअर प्राइमरीे स्कूल खोला गया था। वर्तमान में रेव्ह कुंदन मालवा 1 मई 2024 से यहां के 18 वें पेरिस पुरोहित के रुप में जम्मिेदारी संभाल रहें हैं। पूर्व पेरिस पुरोहित शिमोन नाग का यहां से तबादला हो गया है।

उन्हें संत जॉन उपासनालय मुरहू का पेरिस पुरोहित बनाया गया है। पेरिस पुरोहित कुंदन मालवा इससे पहले खूंटी जिले के लोधमा का कर्रा कच्चा बारी चर्च में पेरिस पुरोहित के तौर पर सेवा दे रहे थे। होली सेवियर चर्च के पुरोहित कुंदन मालवा के प्रयास से चर्च में भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईशु के गुणों के द्वारा प्रत्येक बुराई को भलाई से जीत सकते हैं और यही मानवता का उद्धार कार्य है। 

22 दिसंबर को होली सेवियर चर्च में होगा भव्य कार्यक्रम
पेरिस पुरोहित कुंदन मालवा ने बताया कि 22 दिसंबर को होली सेवियर चर्च में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। होली सेवियर चर्च के तात्वाधान मेंआयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मसीह समाज के बड़ी संख्या में उपस्थित होकर ईश्वर की प्र्रार्थना, सांस्कृतिक इत्यादि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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