मुंबई । शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के आंतरिक घटनाक्रम को लेकर गंभीर आरोप लगाए। राउत ने दावा किया कि प्रस्तावित एनसीपी विलय का समर्थन करने के बाद अजीत पवार पर दबाव बनाया गया और भारतीय जनता पार्टी ने कथित तौर पर सिंचाई घोटाले से जुड़ी फाइलों का इस्तेमाल “धमकाने” के लिए किया।
राउत का आरोप: ‘घटनाक्रम चिंताजनक, जांच होनी चाहिए’
संजय राउत ने कहा कि अजीत पवार से जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कथित रूप से “विमान दुर्घटना” और “रहस्यमय परिस्थितियों” का जिक्र करते हुए जांच की मांग की। राउत ने कहा, “जब इतने बड़े नेता से जुड़ी बातें सामने आती हैं, तो सवाल उठेंगे और उठने चाहिए।”
अमोल मितकारी ने भी जताया संदेह
एनसीपी नेता अमोल मितकारी ने भी कुछ तकनीकी पहलुओं—जैसे पायलट परिवर्तन, मार्ग में बदलाव और दुर्घटनास्थल से जुड़े विवरण—पर सवाल खड़े किए। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच और सीबीआई जांच की मांग की बात कही।
शरद पवार की अपील: राजनीतिकरण से बचें
विवाद बढ़ने पर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए और जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।
तथ्यात्मक स्थिति
इस पूरे मामले में अधिकारियों की ओर से किसी भी साजिश या मृत्यु की पुष्टि नहीं की गई है। संबंधित एजेंसियां नियमों के तहत तथ्यों की जांच की प्रक्रिया का पालन कर रही हैं। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आधिकारिक पुष्टि और निष्कर्ष का इंतजार किया जाना जरूरी है।
संजय राउत का बड़ा दावा: एनसीपी सुलह के बीच ‘साजिश’ का आरोप, अजीत पवार को लेकर बयान से मचा राजनीतिक तूफान
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