वेंटिलेटर मशीनों को सुरक्षित रखा गया, सीएमएचओ ने समाचार का खंडन किया

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बलरामपुर, 22 दिसंबर 2024:
वर्तमान में विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबर “वाड्रफनगर से सिविल अस्पताल की लापरवाही, लाखों रुपये की वेंटिलेटर मशीन कबाड़ में पड़ी हुई है” पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने संज्ञान लिया और इस खबर का खंडन किया। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि 2020-21 के दौरान कोविड-19 महामारी के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा सिविल अस्पताल वाड्रफनगर (कोविड अस्पताल) के लिए 04 वेंटिलेटर मशीनों का आबंटन किया गया था, जिसमें 02 वेंटिलेटर और 02 मोबाइल वेंटिलेटर शामिल थे।

इसके बाद, शासन के निर्देशानुसार 01 वेंटिलेटर मशीन को जिला पेण्ड्रा मरवाही को रिलोकेट कर दिया गया था। वर्तमान में वाड्रफनगर के 100 बिस्तरीय अस्पताल में 01 वेंटिलेटर और 02 मोबाइल वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, हालांकि अस्पताल में निश्चेतना विशेषज्ञ और अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी के कारण इन वेंटिलेटर मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस कारण, इन सभी तीन वेंटिलेटर मशीनों को अस्पताल की स्टोर शाखा में सुरक्षित रूप से रखा गया है।

इसके अलावा, सी.जी.एम.सी. के ईएमआईएस (EMIS) पोर्टल पर इन वेंटिलेटर मशीनों को रजिस्टर भी किया गया है और इनका रख-रखाव सुनिश्चित करने के लिए मेडिसिटी के इंजीनियर नियमित रूप से विजिट करते हैं। सीएमएचओ ने बताया कि इन वेंटिलेटर मशीनों को अन्य जिलों में रिलोकेट करने के लिए शासन को पत्राचार भी किया जा चुका है।

निष्कर्ष:
सीएमएचओ ने समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबर का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि वेंटिलेटर मशीनों को सुरक्षित रखा गया है और इनका उचित रख-रखाव किया जा रहा है। इसके अलावा, वाड्रफनगर अस्पताल में चिकित्सा विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।

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