वादों के गुब्बारे, शोषण की हवा’: एन.एच.एम. कर्मचारी हड़ताल के छठे दिन भी डटे, सरकार से लिखित जवाब की मांग

By
Advertisement
Advertisement

रायगढ़, 23 अगस्त 2025

रायगढ़ । छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ की जिला इकाई-रायगढ़ के बैनर तले 16,000 से अधिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) कर्मचारी 18 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के छठे दिन, 23 अगस्त 2025 को शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में जिले के 550 से अधिक कर्मचारियों ने गुब्बारे हवा में छोड़कर 20 वर्षों की शोषण प्रथा को समाप्त करने हेतु सरकार का ध्यान आकर्षित किया। गुब्बारों के साथ अपनी 10 सूत्रीय मांगों को प्रतीकात्मक रूप से हवा में छोड़ा गया, जो सरकार के खोखले वादों की तरह अब तक अनसुलझी हैं। 



जिलाध्यक्ष शकुंतला एक्का, डॉ. योगेश पटेल, वैभव डियोडिया, आनंद मिरि, संतोष बेहरा, नितिराज सिंह, राघवेंद्र बोहिदार, पवन प्रधान, रामसेवक साहू, विद्याभूषण, अजय महीलांगे, जन्मजय सिदार, डॉ. कामिनी गुप्ता, नितेश यादव, अनिता यादव, नीलांबर वारे, डॉ. खीर सागर पटेल, उमेश जोल्हे, रीना गुप्ता, रोशनी लकरा, ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। 



कर्मचारियों को गुमराह करने की कोशिश
शासन दावा कर रहा है कि पांच मांगें मान ली गई हैं, लेकिन आज तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया: “पांच मांगें मानी गईं, तो लिखित दस्तावेज कहां हैं? क्या सरकार की नीति सिर्फ हवाई बातों तक सीमित है?” 



शिकायतें और प्रश्न
संघ ने निम्नलिखित शिकायतें और सवाल उठाए: 
1. चिकित्सा अवकाश नीति : एन.एच.एम. की कार्यकारी समिति ने दुर्घटना और बीमारी में एक माह का चिकित्सा अवकाश देने का निर्णय लिया, लेकिन मिशन संचालक ने इसे गंभीर बीमारी तक सीमित कर दिया, जिसकी स्वीकृति राज्य स्तर से होगी। यह अव्यवहारिक है। प्रश्न: जिला स्तर पर स्वीकृति क्यों नहीं? स्वीकृति प्रक्रिया की समय-सीमा क्या है? 

2. वार्षिक सेवा वृद्धि और टर्मिनेशन : टर्मिनेशन नीति अपारदर्शी है। गंभीर शिकायतों की जाँच पहले होनी चाहिए। प्रश्न: पिछले वर्ष कितने कर्मचारियों को बिना जाँच टर्मिनेट किया गया? जाँच की समय-सीमा क्या है? 

3. स्थानांतरण नीति : केंद्रीकृत स्थानांतरण नीति के बजाय रिक्त पदों और आपसी सहमति पर आधारित स्पष्ट नीति चाहिए। प्रश्न: पिछले वर्ष कितने कर्मचारियों का स्थानांतरण हुआ? रिक्त पदों की सूची सार्वजनिक क्यों नहीं? 

4. कैशलेस मेडिकल सुविधा आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख की सुविधा की घोषणा हुई, जबकि मांग 10 लाख की है। वेलफेयर फंड में लाखों लेप्स होने के बावजूद सुविधा नहीं। प्रश्न: लेप्स राशि की मात्रा क्या है? 10 लाख की मांग पर लिखित नीति कब आएगी? 

5. ग्रेड पे निर्धारण : ग्रेड पे पर कोई लिखित नीति नहीं दी गई। प्रश्न: ग्रेड पे निर्धारण की प्रक्रिया क्या है? इसे लिखित में कब तक दिया जाएगा? 



10 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
1. नियमितीकरण/स्थायीकरण 
2. पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना 
3. ग्रेड पे निर्धारण 
4. लंबित 27% वेतन वृद्धि 
5. कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता 
6. नियमित भर्ती में आरक्षण 
7. अनुकम्पा नियुक्ति 
8. मेडिकल एवं अन्य अवकाश की सुविधा 
9. स्थानांतरण नीति 
10. 10 लाख का कैशलेस बीमा 

20 वर्षों का शोषण, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
20 वर्षों से एन.एच.एम. कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस हड़ताल से प्रदेश की 6,239 स्वास्थ्य संस्थाएं प्रभावित हैं। संघ ने सरकार से तत्काल लिखित आश्वासन और संवाद की मांग की है, वरना हड़ताल जारी रहेगी। स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव की जिम्मेदारी शासन की होगी।

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *