रायगढ़@खबर सार :- रायगढ़ नगर निगम में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए पूर्व महापौर जानकी काटजू ने वर्तमान महापौर जीवर्धन चौहान पर बड़ा हमला बोला है। जानकी काटजू ने दावा किया कि राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के संरक्षण में महापौर जीवर्धन चौहान निगम के रुके हुए कार्यों के ठेकों पर ठेकेदारों से सीधे 5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं। इससे ठेकेदारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पूर्व महापौर ने आरोप लगाया कि निगम में भवन निर्माण और छोटे-मोटे रिपेयरिंग कार्यों के लिए भी लोगों से मोटी रकम की वसूली की जा रही है। यदि कमीशन अच्छा मिलता है तो घटिया गुणवत्ता वाले निर्माण कार्यों के बिलों को भी आसानी से पास कर दिया जाता है, जबकि अधूरे कामों का पूरा भुगतान कर दिया जाता है। जानकी काटजू ने इसे भ्रष्टाचार की चरम सीमा और भर्राशाही करार दिया।
वित्त मंत्री के संरक्षण का आरोप
जानकी काटजू ने कहा कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी हर मंच से निगम महापौर की महिमा मंडन करते हैं और उनके संरक्षण में ही महापौर जीवर्धन चौहान अपने कार्यालय से खुलेआम कमीशन की ‘दुकानदारी’ चला रहे हैं। ठेकेदारों का कहना है कि मंत्री के संरक्षण के कारण महापौर को किसी प्रकार का भय नहीं है।
5% कमीशन का खुला खेल
पूर्व महापौर ने खुलासा किया कि रुके हुए ठेकों पर महापौर द्वारा सीधे 5 प्रतिशत रकम की मांग की जा रही है, जिसकी जानकारी अधिकांश ठेकेदारों को दे दी गई है। इससे ठेकेदारों में आक्रोश है और वे इसे भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा बता रहे हैं। जानकी काटजू ने कहा कि कमीशन के खेल में गुणवत्ता को नजरअंदाज कर बिल पास किए जा रहे हैं।
खुद पूर्व महापौर रह चुकी जानकी काटजू ने अपनी तुलना करते हुए कहा, “मैं भी महापौर रह चुकी हूं, लेकिन कभी कमीशनखोरों को तवज्जो नहीं दी। गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया। किसी ठेकेदार की हिम्मत नहीं थी कि मुझसे बेईमानी से काम करवा ले। यही वजह है कि मैं हमेशा बेदाग रही।”
छोटे कार्यों में भी अवैध वसूली
जानकी काटजू ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन वाले नगर निगम में भवन निर्माण कर्मचारी हर वार्ड में जाकर भाजपा के संरक्षण में अवैध वसूली कर रहे हैं। कोई व्यक्ति छोटी-मोटी रिपेयरिंग के लिए सामग्री घर या गली में रखता है तो उसका भयादोहन कर जबरिया वसूली की जाती है। इसकी कई शिकायतें मिल रही हैं।
बाउंड्री वॉल तोड़ने का मामला
पूर्व महापौर ने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए निगम प्रशासक का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि देवार क्षेत्र में पट्टे की जमीन पर बनी बाउंड्री वॉल को बिना नोटिस या अवसर दिए बलपूर्वक तोड़ दिया गया। जानकी काटजू ने इसे अनुचित करार देते हुए निगम प्रशासक से गंभीर कार्रवाई की मांग की।
ये आरोप रायगढ़ नगर निगम में भाजपा शासन के दौरान भ्रष्टाचार के नए दौर की ओर इशारा कर रहे हैं। ठेकेदारों और नागरिकों में फैले आक्रोश से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। महापौर जीवर्धन चौहान और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। मामले की जांच और कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।
रायगढ़ में भ्रष्टाचार की भर्राशाही: ठेकों पर 5% कमीशन मांग रहे महापौर, वित्त मंत्री दे रहे संरक्षण!
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