प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से श्री विश्वविजय सिंह तोमर का बिजली बिल हुआ शून्य

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सोलर रूफटॉप पर राज्य सरकार देगी 30 हजार तक की सब्सिडी, पर्यावरण संरक्षण व अक्षय ऊर्जा को मिल रहा प्रोत्साहन

अम्बिकापुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। इस योजना के तहत अम्बिकापुर ग्रीन पार्क कॉलोनी के निवासी श्री विश्वविजय सिंह तोमर ने अपनी छत पर 3 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस सोलर प्लांट की कुल लागत 1 लाख 95 हजार रुपये आई। इसमें से केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली है।

श्री तोमर ने बताया कि सोलर प्लांट लगाने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल ₹1,500 से ₹3,000 तक आता था, लेकिन अब उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच से अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

इस योजना में अब राज्य सरकार भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कैबिनेट ने अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने और बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए योजना में 30 हजार रुपये तक का अतिरिक्त अनुदान देने का निर्णय लिया है।

उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत स्थापित सोलर रूफटॉप संयंत्र विद्युत ग्रिड से नेट मीटरिंग के माध्यम से जोड़ा जाता है। उपभोक्ता अपनी जरूरत से अधिक बिजली का उत्पादन कर ग्रिड को सप्लाई कर सकते हैं, जिससे उनका बिजली बिल शून्य होने के साथ-साथ अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। इस योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट का सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 30 हजार रुपए और राज्य सरकार से 15 हजार रुपए की कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी मिलेगी, वहीं 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए एवं राज्य सरकार से 30 हजार रुपए कुल 1 लाख 8 हजार रुपए का अनुदान प्राप्त होगा।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को pmsuryaghar.gov.in वेबसाइट या पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करनी होती है। इसके बाद पोर्टल पर सूचीबद्ध वेंडर का चयन कर बिजली विभाग के कर्मचारी की मदद से आवेदन किया जाता है। अनुबंध के बाद वेंडर सोलर संयंत्र स्थापित करता है और डिस्कॉम नेट मीटर लगाता है। प्लांट के सत्यापन के पश्चात सब्सिडी की राशि ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इच्छुक उपभोक्ता शेष राशि के लिए 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु आवेदन कर सकते हैं, जिसकी प्रक्रिया जनसमर्थन पोर्टल के माध्यम से पूरी होती है।

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