दीप यज्ञ के साथ गायत्री प्रज्ञा पीठ चंद्री में मनाया गया गुरु पूर्णिमा

By
Advertisement
Advertisement

छात्र छात्राओं को दिया गायत्री परिवार के संस्थापक वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्री रामशर्मा आचार्य के मनुष्य में देवत्व और धरती को स्वर्ग बनाने के संकल्प को साकार करने का आह्वान           

चक्रधरपुर । रविवार को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गायत्री प्रज्ञा पीठ चंद्री चक्रधरपुर में गायत्री दीप यज्ञ के साथ गुरु पूर्णिमा पर्व सोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य रूप से  गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी सुशांत मुखर्जी , जिला उप समन्वयक दीपक सिंह, सरोज कुमार महतो , भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा जिला उप समन्वयक दिनेश चंद्र प्रधान, चिरंजीवी प्रदान , उप समन्वयक विनोद शर्मा, चिरंजीवी प्रधान , सप्त क्रांति आंदोलन प्रखंड समन्वयक डॉक्टर मनोज प्रधान ,अनिल कुमार प्रधान भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के  प्रखंड समन्वयक गोविंद चंद्र महतो ,भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा उप समन्वयक रतिकांत महतो , चंद्री ग्राम के मुंडा जगदीश चंद्र महतो, राजखरसावा के सच्चिदानंद प्रधान, चंद्री ग्राम के युवा भाई बहने एवं माताएं,चक्रधरपुर के महिला मंडल एवं भाई-बहनों शामिल थी इस अवसर पर डॉ मनोज कुमार प्रधान और अनिल कुमार प्रधान ने उपस्थित छात्र छात्राओं और लोगो को संबोधित करते हुए कहा की हिंदू संस्कृति में गुरु और शिष्य की परंपरा श्रृष्टि से चली आ रही है। प्राचीन परंपरा में गुरु और शिष्य की कथाएं हमारे जीवन को प्रेरणा देते आ रही है। रामायण महाभारत और ऋषि काल में गुरु और शिष्य की परंपरा का आज भी हमारे जीवन में चरितार्थ हो रहा है।

गुरु और शिष्य के उसी परंपरा से ही जीवन का आधार जुड़ा हुआ है। वक्ताओं ने कहा की गायत्री परिवार में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। लिए हमे गुरु का पूजन और सम्मान करना चाहिए। वक्ताओं ने गायत्री मंत्र और दीप यज्ञ के साथ माता गायत्री और पंडित राम शर्मा आचार्य की तस्वीर पर मलयापर्ण और पुष्प अर्पण तथा दीप प्रज्वलन कर पूजा अर्चना किया।

गायत्री महिमा का वर्णन करते हुए वक्ताओं ने पंडित राम शर्मा आचार्य के द्वारा भारतीय संस्कृति, संस्कार, आचरण इत्यादि को लेकर लिखे गए 32 सौ से अधिक पुस्तको का जिक्र किया और उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। छात्र छात्राओं से पंडित राम शर्मा आचार्य के मनुष्य में देवत्व और धरती को स्वर्ग बनाने का संकल्प को पूरा करने के लिए काम करने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम में राजखरसावा  से आए गायक मानबोध प्रधान ने गायत्री भजन की बेहतर प्रस्तुति दी वहीं तबला वादक मनोज कुमार प्रधान ने उनका सहयोग किया। चंद्री में गुरु पूर्णिमा को लेकर काफी चहल पहल रहा।

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *