ट्रेन ड्राइवर पर गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज: 5 विभागों की रिपोर्ट लोको पायलट ने 76 किमी की रफ्तार से रेड सिग्नल पर दौड़ाई मेमू

By
Advertisement
Advertisement

गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू ट्रेन हादसा मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है। इसमें ट्रेन ड्राइवर के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इस बीच खुलासा हुआ है कि मंगलवार को गतौरा से 76 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही थी और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी से टकराई। पांच सदस्यीय टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में ये बातें सामने आई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक जहां हादसा हुआ, वहां कर्व (घुमाव) था। ऐसी आशंका है कि लोको पायलट विद्या सागर ने दूसरी लाइन का सिग्नल देखकर स्पीड से ट्रेन आगे बढ़ाई। इसके बाद मालगाड़ी को सामने देखकर स्पीड कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पांच विभागों की प्रारंभिक जांच में यह भी बात सामने आई है कि विद्या सागर को महीने भर पहले ही प्रमोट कर पैसेंजर ट्रेन की कमान सौंपी गई थी।

इससे भी यह अनुमान है कि मेमू की स्पीड का अंदाजा नहीं लगा पाए। वह पहले मालगाड़ी चलाता था। कम अनुभव व सिग्नल जजमेंट में दिक्कत भी घटना के कारणों में शामिल मानी गई है। पहले इस रूट पर अप-डाउन 2 लाइनें थीं, पर अब 4 कर दी गई हैं। पहले जहां 4 सिग्नल थे, अब 16 अलग-अलग सिग्नल हैं, जिससे लगातार भ्रम होता है।

एलारसा ने इस समस्या की लिखित जानकारी रेल प्रबंधन को दी थी। सिग्नल की जानकारी सीधे लोको कैब में उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक ठोस पहल नहीं की गई है। अब सीआरएस इस मामले की डिटेल जांच कर रिपोर्ट देंगे। बता दें कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन से कुछ किमी दूर 4 नवंबर की दोपहर करीब 4 बजे बड़ा रेल हादसा हो गया था।

सिग्नल पास्ड एट डेंजर यानी सिग्नल जंप भी वजह

रेलवे की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मेमू ट्रेन ने खतरे का सिग्नल पार किया। इसे रेलवे की तकनीकी भाषा में सिग्नल पास्ड एट डेंजर कहा जाता है। जांच रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना के लिए मेमू ट्रेन के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट को सही समय पर ट्रेन को नियंत्रित न कर पाने का जिम्मेदार माना गया है।

बता दें कि लोको पायलट विद्या सागर की मौत हो चुकी है। महिला सहायक लोको पायलट रश्मि राज इस हादसे में घायल हैं। उन्हें अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

स्टेशन अधीक्षक वाणिज्य के मेमो पर केस दर्ज हुआ ट्रेन हादसा मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें सिर्फ ट्रेन ड्राइवर शब्द लिखा है। हालांकि किसी का नाम नहीं लिखा गया है। मेमू हादसे में ट्रेन ड्राइवर विद्या सागर समेत कुल 11 लोगों की मौत हुई। वहीं, 25 से ज्यादा घायल हुए है।

असिस्टेंट ड्राइवर रश्मि राज की हालत अभी भी गंभीर है। तोरवा थाना प्रभारी अभय सिंह बैस ने बताया कि स्टेशन अधीक्षक वाणिज्य के मेमो पर चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। चालक की मौत हो चुकी है, लेकिन मामले की पूरी जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे।

सीआरएस 40 मिनट मौके पर रहे, पटरी भी नपवाई, आज 19 अफसरों को बुलाया

बिलासपुर में कोरबा-बिलासपुर मेमू ट्रेन दुर्घटना में 11 यात्रियों की मौत हो गई। हादसे के दूसरे दिन बुधवार को दक्षिण पूर्वी सर्किल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी बीके मिश्रा दोपहर 12 बजे लालखदान स्थित दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। 40 मिनट वहां पर रहकर उन्होंने 140 से 200 मीटर के दायरे में रेल पटरियों की गहनता से जांच की।

इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त कोच के अंदर जाकर मुआयना किया। निरीक्षण के बाद बीके मिश्रा, डीआरएम राजमल खोईवाल सहित अन्य सभी अफसर ट्रॉली में बैठकर बिलासपुर रवाना हो गए। इसके साथ ही सीआरएस की जांच और पूछताछ के लिए एसईसीआर के 19 अधिकारियों और कर्मचारियों को संबंधित दस्तावेजों के साथ गुरुवार सुबह डीआरएम कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *