चार लाख की सड़क, फिर भी बेकार! पोखरा टोली प्राथमिक विद्यालय में अधूरी योजना की हकीकत

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मुख्य सड़क से नहीं जोड़ी गई सीमेंट सड़क, विद्यार्थियों और शिक्षकों को अब भी कच्चे रास्ते से आना-जाना पड़ रहा

सरकारी प्राथमिक विद्यालय पोखरा टोली ओडिशा के ओडिशा राज्य के सुंदरगढ़ जिला अंतर्गत नुआगांव प्रखंड के सोरडा पंचायत क्षेत्र में स्थित है। विद्यालय परिसर में एक आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है। यह स्कूल सोरडा से राउरकेला जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे एक टिले पर स्थित है।

विद्यालय तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क से एक सीमेंट सड़क का निर्माण कराया गया है। सूचना पट्ट के अनुसार इस सड़क का निर्माण नुआगांव पंचायत समिति द्वारा वर्ष 2020-21 में लगभग 4 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। उद्देश्य स्पष्ट था—विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराना।

मुख्य सड़क से जुड़ाव नहीं, अधूरी योजना बनी परेशानी का कारण

हकीकत यह है कि यह सीमेंट सड़क मुख्य सड़क से जोड़ी ही नहीं गई। दोनों सड़कों के बीच एक गहरा गड्ढा है, जिससे बरसात का पानी बहता है। वर्तमान में इस स्थान पर उगी घनी झाड़ियां और टूटा हुआ संपर्क साफ दिखाई देता है।

परिणामस्वरूप, इस पक्की सड़क का पूर्ण रूप से उपयोग संभव ही नहीं हो पा रहा है। विद्यार्थी और शिक्षक आज भी उसी पुराने कच्चे रास्ते का उपयोग करने को मजबूर हैं, जो बारिश के मौसम में कीचड़ और फिसलन से भर जाता है।

सवालों के घेरे में निर्माण एजेंसी, जिम्मेदारों से जवाब की मांग

जिस समस्या के समाधान के लिए चार लाख रुपये की लागत से सीमेंट सड़क बनाई गई, वह आज भी जस की तस बनी हुई है। अधूरे संपर्क के कारण सरकारी धन से बनी यह सड़क उपयोगहीन साबित हो रही है।

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यदि सड़क को मुख्य मार्ग से जोड़ दिया जाए, तो विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस अधूरी योजना को पूरा कर बच्चों की सुविधा सुनिश्चित करेगा, या यह सड़क यूं ही उपेक्षा की प्रतीक बनी रहेगी?

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