बस्तर। ग्राम पंचायत पीपलावंड के लगभग 73 किसान परिवारों की 30 वर्षों से काबिज कृषि भूमि पर वन विभाग द्वारा अतिक्रमण कर फसलों को नष्ट करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप ने सैकड़ों किसानों के साथ कलेक्टर बस्तर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की।

हेमंत कश्यप ने बताया कि 12 अगस्त 2025 को वन विभाग बस्तर के अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के जेसीबी मशीनों से किसानों की धान, मक्का और उरद की फसलें पूरी तरह नष्ट कर दीं। किसान वर्ष 1995 से इस भूमि पर खेती कर अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे हैं और कई बार वन अधिकार पट्टा के लिए आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

किसानों का आरोप है कि जब उन्होंने अधिकारियों को रोकने की कोशिश की तो उनकी बात नहीं सुनी गई और बलपूर्वक फसलें उजाड़ दी गईं। इसे उन्होंने न केवल आजीविका पर हमला बल्कि संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

ज्ञापन में मांग की गई है कि नष्ट की गई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए, किसानों को कृषि भूमि का पट्टा शीघ्र प्रदान किया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाए।



