ईरान में अशांति के बीच फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी की तैयारी, कल रवाना हो सकता है पहला जत्था

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नई दिल्ली । सरकारी सूत्रों ने बताया कि जमीनी स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया देने की तैयारियां चल रही हैं। इसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना भी शामिल है।ईरान में जारी अशांति के कारण सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर केंद्र सरकार फंसे हुए भारतीय नागरिकों को निकालने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, निकाले जाने वाले लोगों के पहले जत्थे को कल तक हवाई मार्ग से रवाना किए जाने की उम्मीद है।

ईरान में फंसे भारतीय छात्रों के अभिभावकों ने  बताया कि पहले जत्थे को कल सुबह 8 बजे तक तैयार रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि निकासी की तैयारियां चल रही हैं और छात्रों को अपने दस्तावेज तैयार रखने को कहा गया है। इसके अलावा, यात्रियों की सूची तैयार की जा रही है और भारत और ईरान दोनों देशों के विभिन्न अधिकारियों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जा रही हैं।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि जमीनी स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया देने की तैयारियां चल रही हैं। इसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि बदलती स्थिति को ध्यान में रखते हुए योजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है।

ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे भारतीय छात्रों का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि कई क्षेत्रों में इंटरनेट बंद होने के कारण संचार में कठिनाई हो रही है और इस प्रक्रिया में समय लग रहा है।

ईरान में जारी अशांति के बीच भारतीय छात्रों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले महीने के अंत में ईरानी मुद्रा, रियाल, के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए।

आर्थिक मुद्दों को लेकर शुरू हुए ये प्रदर्शन अब ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं और राजनीतिक बदलाव की मांग में तब्दील हो गए हैं। अधिकार समूहों का दावा है कि देशव्यापी प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में कम से कम 3,428 लोग मारे गए हैं और हाल के दिनों में समग्र स्थिति में तेजी से गिरावट आई है।

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