अडानी पुरुंगा कोल खदान जनसुनवाई रद्द करने की मांग पर फिर उठा विरोध, तीन ग्राम पंचायतों के लगभग हजारों ग्रामीण पहुंचे कलेक्टरेट

By
Advertisement
Advertisement

धरमजयगढ़। मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड (अडानी समूह) की प्रस्तावित पुरुंगा भूमिगत कोयला खदान की 11 नवंबर को होने वाली जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है।

पहले 22 अक्टूबर 2022 को जनसुनवाई के विरोध में ग्रामवासी जिला कलेक्टर पहुंच कर जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग किया गया था जिस पर प्रशासन द्वारा जनसुनवाई जारी रखने की बात कही गई थी,आज पुनः ग्राम पंचायत सामरसिंघा, पुरुंगा और तेंदुमुरी के लगभग हजारों ग्रामीण, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं, जिला मुख्यालय रायगढ़ पहुंचे।



ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पेसा कानून के तहत आता है और बिना ग्रामसभा की सहमति के जनसुनवाई कराना कानून का उल्लंघन है। विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्टरेट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। चारों ओर बैरीकेड लगाकर ग्रामीणों की एंट्री पर रोक लगा दी गई।



अब सवाल यह है कि इतने व्यापक विरोध के बावजूद क्या प्रशासन जनसुनवाई को निरस्त करेगा या विरोध को नज़रअंदाज़ करते हुए इसे आयोजित करने की तैयारी जारी रखेगा?

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *