राजकुमारी चौधरी को बचाने के लिए राउरकेला पुलिस ने लगा दी झूठी जाँच रिपोर्ट,

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मानवाधिकार आयोग पुलिस के खिलाफ केस दर्ज किया।

वरिष्ठ पत्रकार हरहर शम्भू कुमार चौधरी जो सारांश दैनिक का मुख्य संपादक है और साथ ही कई सामाचार पत्रों, पत्रकार संगठनों से जुड़ा हुआ है। उनके कार्यालय और घर को उनकी ही भाभी राजकुमारी चौधरी स्थानीय बंडा़मुंडा़ थाना के साथ साठगांठ करके अवैध रूप से हथियाना चाहती है और जब इसकी शिकायत उच्चस्तरीय अधिकारियों के पास की गई तो झूठी जांच रिपोर्ट लगाकर इसका बचाव किया गया।

जबकि राजकुमारी चौधरी को वकील के माध्यम से देवर का घर छोड़कर उसके पति के साथ जाकर रहने के लिए नोटिस भी दिया जा चुका है। पर वह अपने पति के साथ जो अन्यत्र रह रहा है रहने के वजाए अपने देवर के घर में बार बार ताला तोड़कर प्रवेस कर जाती है और स्थानीय थाना द्वारा हरबार राजकुमारी का बचाव किया जाता है। इस बाबत एक आडियो काफी वायरल हुई जिसमें राजकुमारी चौधरी यह कह रही है कि हम सर्कल का परमिसन ले के ताला तोडें है तो वो मेरा क्या करेगा।

पत्रकार हरहर शम्भू ने इस संबंध में राज्यमानवाधिकार आयोग के समक्ष “पुलिस रिपोर्ट की जांच के विरुद्ध शिकायत याचिका” दी थी जिसपर मानवाधिकार आयोग ओड़िशा द्वारा पुलिस के बिरूद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।

पत्रकार श्री चौधरी ने मानवाधिकार आयोग ओडिशा के समक्ष जो याचिका दायर कि है उसका संक्षिप्त सार इस प्रकार है।
मैं पेशे से पत्रकार हूँ और सारांश न्यूज़ नेटवर्क (समाचार एजेंसी) / सारांश दैनिक (वेब न्यूज़ पोर्टल / ख़बरसार (समाचार पत्र और वेब न्यूज़ पोर्टल) में जिला ब्यूरो चीफ का प्रधान संपादक हूँ।

मैं आपके और आपके प्राधिकार के समक्ष निवेदन करना चाहता हूँ कि मेरा कार्यालय मेरे घर तिलकानगर ‘सी’ ब्लॉक, बंडामुंडा, पोस्ट ऑफिस-बंडामुंडा, जिला-सुंदरगढ़, राज्य-ओडिशा में स्थित है,जहाँ राजकुमारी चौधरी, पत्नी- प्रेमलाल चौधरी, मेरे उपरोक्त घर और कार्यालय पर अलग-अलग तरीके से अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रही है और जब मैं अपने उपरोक्त घर में अपना कार्यालय चला रहा हूँ तो वह मुझे परेशान करने की कोशिश कर रही है और उसने मेरा फ्लेक्स फाड़ दिया है जिसे मैं अपने घर की दीवार के सामने लगा रहा था।

राजकुमारी चौधरी मुझे शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर रही हैं, जिसके बारे में मैंने कई बार बंडामुंडा पुलिस थाना के थाना प्रभारी और उच्चाधिकारियों को इस मामले के बारे में सूचित किया था। लेकिन यहाँ यह उल्लेख करना उचित है कि उन्होंने मेरी शिकायत के बारे में कोई कार्रवाई नहीं की, जो मैंने राजकुमारी चौधरी, पत्नी-प्रेमलाल चौधरी के खिलाफ दर्ज कराई थी।

बल्कि इसके यह झूठी जाँच रिपोर्ट लगाकर राजकुमारी चौधरी का बचाव किया गया कि मेरा कार्यालय राउरकेला के एक किराए के मकान में है ।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस समय थाना प्रभारी के पदपर पूर्व थाना प्रभारी रंजन कुमार नायक नियुक्त थे,जिसका तबादला यहाँ से राउरकेला के छेंड़ थाना में हुआ था।

इस पर दिनांक 2 अप्रैल 2024 को जनसुननी पोर्टल के माध्यम से पत्रकार ने राउरकेला पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई (संख्या SP2024534809) जिसमें उन्होने पुलिस अधीक्षक से यह निवेदन किया था कि कृपया जांच अधिकारी को यह निर्देश दिया जाए कि वह राउरकेला स्थित उस घर को खोज कर दे जिसे मैने आधिकारिक उद्देश्य के लिए किराए में ले रखा है।

जैसा कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट संख्या 2045/HRPC दिनांक 09-10-2023 में उल्लेख किया है। पत्रकार की इस निवेदनपत्र का जवाब देते हुए, पूर्व थाना प्रभारी बंडामुंडा अशोक कुमार दास ने एक ऐसी झूठी जांच रिपोर्ट गढ़ी, संख्या 880/HRPC दिनांक 04/05/2024।जिसका उस शिकायत से कोई लेना देना नहीं था।

यहाँ प्रश्न उठता है कि पुलिस को राजकुमारी चौधरी से ऐसा कौन सा लाभ मिलरहा है कि वह बार बार झूठी जाँच रिपोर्ट लगाकर उसका बचाव कर रही है।

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