प्रतीक मल्लिक ✍️
मीडिया रिपोर्ट का सीधा असर
धर्मजयगढ़। मुख्य सड़क की सोल्डर पर नियमों को दरकिनार कर लगाए गए ट्यूबलर लाइट पोल के मामले में प्रकाशित समाचार का असर अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। शासन ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच की कार्यवाही शुरू कर दी है, जिससे नगर पंचायत में हड़कंप मच गया है।
शासन ने दिए जांच के आदेश
राज्य शहरी विकास विभाग द्वारा अधीक्षण यंत्री स्तर की जांच टीम गठित की गई है। टीम द्वारा स्थल निरीक्षण कर यह जांच की जा रही है कि ट्यूबलर लाइट पोल लगाए जाने में तय तकनीकी मानकों का पालन किया गया या नहीं।
तकनीकी मानकों की होगी पड़ताल
जांच के दौरान पोल की ऊंचाई, आपसी दूरी, फाउंडेशन की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच के दायरे में है कि कार्य स्थल परिवर्तन के लिए नगर पंचायत परिषद की विधिवत स्वीकृति ली गई थी या नहीं।
परिषद की मंजूरी के बिना बदला गया स्थल
प्रकाशित समाचार में यह तथ्य सामने आया था कि नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा परिषद की अनुमति के बिना ही कार्य स्थल में परिवर्तन कर सड़क की सोल्डर पर पोल गाड़ दिए गए। आरोप है कि इस प्रक्रिया में ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि यह व्यवस्था आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकती थी।
नगर पंचायत में मचा हड़कंप
जांच कार्यवाही शुरू होते ही नगर पंचायत कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। अधिकारी और कर्मचारी पूरे मामले को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
अनियमितता मिलने पर सख्त कार्यवाही के संकेत
सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में कार्य स्वीकृत प्राक्कलन और तकनीकी अनुमोदन के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने किया स्वागत
स्थानीय नागरिकों ने शासन की इस कार्यवाही का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि मीडिया की सक्रिय भूमिका के कारण ही नगर पंचायत की अनियमितताएं सामने आ रही हैं और इससे प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।


